राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्टूडेंट्स के लिए डिप्लोमा की अवधि दो वर्ष
करने की अनिवार्यता का कड़े शब्दों में विरोध किया है. संघ का कहना है कि
जो स्टूडेंट्स पहले ही दो वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त कर नियमित हुए हैं
उनसे दोबारा दो वर्षीय डिप्लोमा करवाने का कोई औचित्य नही है.
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की एक विशेष बैठक गुरूवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नालागढ़ में आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेशाध्यक्ष जीएस बेदी ने की. जी. एस बेदी ने अगस्त 2011 को नियमित किये जा चुके ग्रामीण विद्या उपासक और विद्या उपासकों को एनआईओएस से दो वर्षीय डिप्लोमा (डीलैड) वाले फरमान को गलत बताया.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विद्या उपासक और विद्या उपासक 2001 की पॉलिसी के तहत भर्ती किये गए थे और उन्हे पांच वर्ष में नियमित करने को कहा गया था. अब ऐसी स्थिति में दो वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 2011 में नियमित हुए ऐसे अध्यापकों को दोबारा दो वर्षीय डिप्लोमा करने के आदेश देना सरासर गलत है.
उन्होंने कहा कि इन आदेशों के मुताबिक यदि कोई अध्यापक 2019 से पहले यह प्रशिक्षण प्राप्त नही करता तो उसकी नौकरी पर आंच आने की बात कही जा रही है. उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ अध्यापक नियमित होने के बाद पदोन्नत भी हो चुके हैं. उन्होने कहा कि एक तरफ तो सरकार अध्यापकों को डाईट से दो वर्षीय प्रशिक्षण देकर नियमित कर रही है ऊपर से दोबारा प्रशिक्षण करने के आदेश भी थोप रही है.
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की एक विशेष बैठक गुरूवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नालागढ़ में आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेशाध्यक्ष जीएस बेदी ने की. जी. एस बेदी ने अगस्त 2011 को नियमित किये जा चुके ग्रामीण विद्या उपासक और विद्या उपासकों को एनआईओएस से दो वर्षीय डिप्लोमा (डीलैड) वाले फरमान को गलत बताया.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विद्या उपासक और विद्या उपासक 2001 की पॉलिसी के तहत भर्ती किये गए थे और उन्हे पांच वर्ष में नियमित करने को कहा गया था. अब ऐसी स्थिति में दो वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 2011 में नियमित हुए ऐसे अध्यापकों को दोबारा दो वर्षीय डिप्लोमा करने के आदेश देना सरासर गलत है.
उन्होंने कहा कि इन आदेशों के मुताबिक यदि कोई अध्यापक 2019 से पहले यह प्रशिक्षण प्राप्त नही करता तो उसकी नौकरी पर आंच आने की बात कही जा रही है. उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ अध्यापक नियमित होने के बाद पदोन्नत भी हो चुके हैं. उन्होने कहा कि एक तरफ तो सरकार अध्यापकों को डाईट से दो वर्षीय प्रशिक्षण देकर नियमित कर रही है ऊपर से दोबारा प्रशिक्षण करने के आदेश भी थोप रही है.