एचपीयू में हुई शिक्षक भर्ती मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग दिल्ली को एक
पत्र भेजा गया है। यह पत्र किसने भेजा है। इसको लेकर कोई सामने नहीं रहा
है। हालांकि नाम लिखा है, लेकिन इस नाम का कोई सामने आने को तैयार नहीं है।
इसमें शिक्षक भर्ती में घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
महिला ने राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि वह बहुत दुखी है। यदि उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। इस बारे में जब महिला आयोग को फोन किया गया तो उन्होंने बताया कि इस तरह का कोई पत्र वहां नहीं पहुंचा है।
इसको लेकर शुक्रवार को दिन भर एचपीयू कैंपस में चर्चा का माहौल गर्माया रहा। हर किसी की जुबान से इस पत्र में लिखी बातें थी। विवि प्रशासन इस पत्र से पूरी तरह अनजान है। हालांकि, ये पत्र कहां से भेजा अौर मीडिया में किसने रिलीज किया, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।
कुलपतिबोले फर्जी है पत्र
इसबारे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने इस मामले में कहा कि यह पत्र पूरी तरह से फर्जी है। किसने इस पत्र को लिखा, इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। यह महज हिमाचल प्रदेश विवि की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि विवि में जो भी काम होते हैं वे नियमाें के तहत होते हैैं। गौर रहे कि विवि प्रशासन की ओर से ईसी की बैठक में सितंबर में शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित किया था। इस दौरान 60 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। 2012 और 2015 में लिए गए साक्षात्कार के परिणाम घोषित किए गए थे।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
महिला ने राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि वह बहुत दुखी है। यदि उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। इस बारे में जब महिला आयोग को फोन किया गया तो उन्होंने बताया कि इस तरह का कोई पत्र वहां नहीं पहुंचा है।
इसको लेकर शुक्रवार को दिन भर एचपीयू कैंपस में चर्चा का माहौल गर्माया रहा। हर किसी की जुबान से इस पत्र में लिखी बातें थी। विवि प्रशासन इस पत्र से पूरी तरह अनजान है। हालांकि, ये पत्र कहां से भेजा अौर मीडिया में किसने रिलीज किया, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।
कुलपतिबोले फर्जी है पत्र
इसबारे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने इस मामले में कहा कि यह पत्र पूरी तरह से फर्जी है। किसने इस पत्र को लिखा, इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। यह महज हिमाचल प्रदेश विवि की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि विवि में जो भी काम होते हैं वे नियमाें के तहत होते हैैं। गौर रहे कि विवि प्रशासन की ओर से ईसी की बैठक में सितंबर में शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित किया था। इस दौरान 60 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। 2012 और 2015 में लिए गए साक्षात्कार के परिणाम घोषित किए गए थे।
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