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प्रारंभिक शिक्षा नामांकन दर 100 प्रतिशत तक पहुंची

शिमला,  हिमाचल प्रदेश ने प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा में नामांकन दर लगभग सौ प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके अलावा राज्य में माध्यमिक शिक्षा का सार्वभौमिकरण का लक्ष्य भी वर्ष 2017 तक हासिल कर लिए जाने की उम्मीद है।

यह दीगर बात है कि राज्य में भले ही शत प्रतिशत बच्चों का स्कूल जाना आरंभ हो गया लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता सरकारी स्कूलों में दिनों दिन पताल लोक की तरफ जा रही है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश में हजारों की संख्या में मौजूद सरकारी स्कूलों के बावजूद इन स्कूलों में आने वाले विद्यार्थियों की संख्या हर साल तेजी से घटती जा रही है और लोग निजी स्कूलों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।
स्कूल विद्यार्थियों के लिये नि:शुल्क बस सुविधा
प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में स्कूल तक पहुंचने व वापस घर तक निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान की जा रही है। राज्य में यह योजना पहली अप्रैल, 2013 से चल रही है। प्रदेश में 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चे इस समय स्कूल जा रहे हैं। इसके लिये दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में नये प्राथमिक स्कूल खोले जा रहे हैं और वर्तमान स्कूलों को स्त्तरोन्नत किया जा रहा है। प्रदेश में अधिकांश प्रारंभिक स्कूलों में मानदण्डों के अनुरूप शिक्षक भी मौजूद हैं। राज्य में पिछले तीन वर्षों के दौरान 210 प्राथमिक पाठशालाओं को माध्यमिक पाठशाला स्तरोन्नत करने के अलावा 121 नये प्राथमिक पाठशाला खोले गए। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले अध्यापकों को सेवानिवृत्ति के उपरांत सेवा विस्तार प्रदान किया जा रहा है।
स्तर में गिरावट का मूल्यांकन करने का निर्णय
इस बीच प्रदेश में खासकर प्रारंभिक स्तर पर विद्यार्थियों के अध्ययन स्तर में आई भारी गिरावट से चिंतित सरकार ने इसमें सुधार एवं गुणात्मकता लाने के उद्देश्य से बाह्य रुप से पांचवीं तथा आठवीं कक्षाओं का आंकलन एवं मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की सेवाएं
भी ली जा रही हैं।
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