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असेसमेंट शीट बताएगी पढ़ाई का स्तर

 राज्य ब्यूरो, शिमला : प्रदेश के पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर अब असेसमेंट शीट (मूल्यांकन प्रपत्र) से लगाया जाएगा। गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषयों से संबंधित ऑब्जेक्टिव व सबजेक्टिव सवालों के जवाब विद्यार्थियों को इस शीट पर देने होंगे।
राज्य के सभी स्कूलों में उक्त विषयों का प्रत्येक अध्याय खत्म होते ही विद्यार्थियों को मूल्यांकन प्रपत्र दिए जाएंगे, जिसमें पूछे सवालों का जवाब उन्हें देना होगा। इसी से उनकी ए से ई तक ग्रेडिंग तय होगी। इस तरह की वर्कशीट बनाने के लिए हिमाचल भारत का पहला राज्य बन गया है। इसकी तर्ज पर अन्य राज्य भी असेसमेंट शीट तैयार करेंगे। प्रदेश में दो साल पहले पायलट आधार पर 200 स्कूलों में यह कार्यक्रम शुरू हुआ था। इस साल से सभी स्कूलों में इसके तहत बच्चों का स्तर आंका जाएगा। इसके लिए केंद्र ने करीब चार करोड़ की राशि मंजूर की है। इससे पहले असेसमेंट शीट की सर्वशिक्षा अभियान समीक्षा कर रहा है। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों की असेसमेंट शीट का पुनरीक्षण और सामग्री विकास के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। इसमें बीआरसीसी पिछले साल जारी मूल्यांकन प्रपत्र का पुनरीक्षण किया। आवश्यक प्रश्नों को जोड़ने का सुझाव दिया और जरूरत पड़ी तो कुछ सामग्री हटाने की अनुशंसा दी जाएगी। यह कार्यशाला सर्वशिक्षा अभियान व लर्निग लिंगज फाउंडेशन के माध्यम से शुरू हुई है। इस दौरान एकेडमिक को-आर्डिनेटर श्रुति तनेजा और एसएसए को-आर्डिनेटर कबीर वर्मा भी उपस्थित रहे।
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कमजोर बच्चों पर दिया जाएगा ध्यान
असेसमेंट शीट पर की जाने वाली ग्रेडिंग से शिक्षक को तो पता चलेगा ही कि कौन बच्चा किस विषय में कमजोर है। छात्र को भी यह मालूम हो जाएगा कि जो पाठ शिक्षक ने पढ़ाया उसे स्वयं कितना कर पा रहा है। इससे बच्चे भी अपनी कमी को दूर करने की कोशिश करेंगे और शिक्षकों को ऐसे बच्चों के लिए अतिरिक्त समय देना होगा।
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ए से ई तक होगी ग्रेडिंग
मूल्यांकन प्रपत्र में ज्ञान स्तर, समझ स्तर, अनुप्रयोग स्तर और कौशल स्तर के प्रश्न होंगे। इनकी मदद से अध्यापक अपने बच्चों के स्तर का आसानी से मूल्याकन कर पाएंगे और इसके आधार पर सीखने-सिखाने की प्रक्रियाओं, पाठ योजनाओं और गतिविधियों मे परिर्वतन करेंगे, जिससे पाठशालाओ में सीखने-सिखाने की प्रक्रिया और आसान होगी।
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प्रदेशस्तर पर आयोजित की जाने वाली कार्यशाला में मंडी, शिमला, बिलासपुर, सोलन और कागड़ा के अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों के बीआरसीसी भाग ले रहे हैं।
-घनश्याम चंद, राज्य परियोजना निदेशक, सर्वशिक्षा अभियान।
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2016-17 के सत्र में सभी छात्रों को अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों की असेसमेंट शीट उपलब्ध करवाई जाएंगी। ये पाठशालाओं में पढ़ाए गए विषयों के स्वमूल्याकन और बच्चों के ज्ञान में हुई प्रगति का मापन करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

-शुभ्रा बेनर्जी, कार्यशाला संचालक राज्य सतत् समग्र मूल्याकन।
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