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तबादलों पर रोक, फिर भी हो रही एडजस्टमेंट

शिक्षकों के साथ मिलकर करवा लिए म्यूच्यूल तबादले
प्रदेश में शिक्षकों को पदोन्नत करने के लिए जो प्रस्ताव मांगे जाते हैं। इसमें तीन स्टेशन मांगे जाते हैं। अमूमन खाली होने पर इन्हीं तीन स्टेशनों में से किसी एक में शिक्षक का तबादला पदोन्नति के बाद किया जाता है। ऐसे में अपने दिए स्टेशन की च्वाइस मिलने के बाद आखिर क्यों म्यूच्यूल तबादले की जरुरत पड़ती है।

इस बार भी ऐसा ही हुआ। आलम यह है कि शिक्षकों को विभाग की आेर से दिए गए स्टेशन तो पसंद नहीं आए, लेकिन खुद ही दूसरे शिक्षकों के साथ मिलकर म्यूच्यूल तबादले करवा लिए हैं।

ली जा रही परमिशन

ट्रांसफरआर्डर में बार-बार हुई मॉडिफिकेशन से सरकार की मंशा पर भी सवालिया निशान उठने शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद ही तबादलों पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऑर्डर में जो बदलाव किया जा रहा है उसके लिए भी बाकायदा सरकार से परमिशन ली जा रही है।

16 जून को ये आर्डर हुए मॉडिफाई

नामपहले अब

प्रकाशचंद दरदयादा (चंबा) भरमौर

राजेंद्र सिंह लंज (कांगड़ा) ददयादा (चंबा)

किरण बाला गिलटारी (शिमला) बवासी (सोलन)

नरेश कुमार ताबो (लाहुल स्पीति) चंडी (सोलन)

जितेंद्र कुमार अरसू (कुल्लू) दारछा (लाहुल स्पीति)

सोलन लाल दारछा (लाहुल स्पीति) अरसू (कुल्लू)

रिशि पाल बांदली (सिरमौर) हाब्बन (सिरमौर)

पृथी राज हिमगिरी (चंबा) लदरौर (हमीरपुर)

शैली शर्मा तरसुह (बिलासपुर) जोल साप्पर (हमीरपुर)

रविंद्र सिंह राखी (चंबा) दइया (शिमला)

राजेश कुमार हालू (शिमला) ओगली (शिमला)

रोहित वर्मा भालर भुलाणा (सिरमौर) सराहन (सिरमौर)

राजेश कुमार कलबोग (शिमला) बाधाल (शिमला)

हरभजन सिंह अऊरा (चंबा) नगरोटा सूरीयां

शेर सिंह नगरोटा सूरयां (कांगड़ा) अऊरा (चंबा)

भास्कर न्यूज| शिमला

शिक्षाविभाग में शिक्षकों की मनमानी के आगे किसी की नहीं चल रही है। ट्रांसफर पर प्रतिबंध के बावजूद शिक्षक आर्डर मॉडिफाई करवाकर मनपसंद की पोस्टिंग ले रहे हैं। 2 जून को सरकार ने शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए स्कूल 113 लेक्चरर और 245 हेडमास्टर को स्कूल प्रिंसिपल के पद पर तैनाती दी है। 15 दिनों के भीतर इन टीचरों को ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए।

प्रिंसिपल वहां पर ज्वाइन करने के बजाए 15 दिन में अपनी एडजस्टमेंट अपने मनपसंद के स्टेशन में करवाने में जुटे रहे। 110 शिक्षकों ने अपने तबादला आदेश मॉडिफाई करवा लिये। वे भी तब जब 8 जून को सरकार ने शिक्षा विभाग में ट्रांसफर पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया। प्रतिबंध के बावजूद एडजस्टमेंट के नाम पर हुए तबादला आदेशों से सरकार की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में गई है।

ऐसेबदले तबादला आदेश

सरकारने 2 जून को शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल किया। इसमें 113 लेक्चरर और 245 हेडमास्टर को प्रिंसिपल का चार्ज दिया था। इस दिन कई प्रिंसिपलों को ट्रांसफर भी किया गया था। 3 जून को ही विभाग ने ऑर्डर मॉडिफिकेशन की पहली सूची जारी की। 40 शिक्षकों को उन स्कूलों के बजाए दूसरे स्कूलों में तैनाती दी। 8 जून को दाेबारा आर्डरों में संशोधन किया। इस दिन 35 शिक्षकों को जहां पर पहले तैनाती दी थी वहां से बदल कर दूसरे स्कूलों में तैनात करने के आदेश दिए। 16 जून को दो बार ऑर्डर जारी किए गए। पहली बार 18 और दूसरी बार 8 शिक्षकों के आर्डर बदले गए।

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