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शिक्षकों की डेपुटेशन से नाराज हुए पेरेंट्स, डुब्लू स्कूल में लगा दिए ताले

शिमला.राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुब्लू से टीचर की डेपुटेशन का मामला तूल पकड़ गया है। एक महिला शिक्षिका यहां से हमीरपुर डेपुटेशन पर जा रही है। शिक्षा विभाग ने इस की परमिशन भी दे दी है। शनिवार को छात्रों के परिजनों ने एसएमसी अध्यक्ष के नेतृत्व में स्कूल में धरना प्रदर्शन किया।
एक साल से डेपुटेशन पर टीचर
गुस्साए लोगों ने प्रिंसिपल और स्टाफ रूम के कमरे पर ताला जड़ दिया। यह स्कूल कसुम्पटी विधानसभा के तहत आता है। लोगों का आरोप है इस स्कूल में अंग्रेजी की लेक्चरर पिछले एक साल से डेपुटेशन पर है। अब टीजीटी मेडिकल डेपुटेशन पर जा रही है। स्कूल में शिक्षकों के 5 पद टीजीटी आर्ट्स, लेक्चरर मैथ, टीजीटी नॉन मेडिकल, टीजीटी मेडिकल, ड्राइंग मास्टर का पद खाली पड़े हुए है। खाली पद होने के चलते बच्चों की पढ़ाई खासी प्रभावित हो रही है। लोगों ने चेतावनी दी कि डेपुटेशन को रद्द नहीं किया गया तो सोमवार को
स्कूल में दोबारा धरना प्रदर्शन करेंगे।
विरोध में कौन-कौन शामिल
विरोध करने वालों में 50 के करीब लोग शामिल थे। इसमें पंचायत प्रधान रचना राणा, उप प्रधान सोमदत्त, एसएमसी अध्यक्ष करुणा, सदस्य कमल कुमार, कुलजीत राणा, लीला दत्त, संदीप वर्मा, भीमसेन वर्मा, लायक राम ठाकुर, सुरेंद्र, बाबूराम मेहता, सेवक राम, सोमदत्त, लज्जा देवी, नीलम सहित अन्य लोग शामिल थे।
सीएम ने रद्द की थी डेपुटेशन
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पिछले साल विधानसभा में डेपुटेशन को खत्म करने करने के निर्देश दिए थे। शिक्षा विभाग ने सीएम के निर्देशों के बाद सभी टीचरों को जो डेपुटेशन पर थे उन्हें वापस उनके मूल स्कूल में तैनात किया था। बावजूद इसके रसूखदार शिक्षक अपनी जान पहचान का फायदा उठाकर डेपुटेशन ले लेते हैं। यहां सवाल यह उठता है कि क्या अधिकारी मुख्यमंत्री की बात भी नहीं सुन रहे हैं। जब टीचरों की कमी है तो फिर क्यों टीचरों को डेपुटेशन पर भेजा जा रहा है।
5 पद पहले ही खाली
डुब्लू स्कूल में 9 टीचर कार्यरत हैं। इनमें 4 लेक्चरर, 1 डीपी, 2 टीजीटी, 1 शास्त्री और 1 लेंग्वेज टीचर कार्यरत है। 5 पद खाली हैं। एक लेक्चरर इंग्लिश पिछले एक साल से ज्यादा समय से डेपुटेशन पर है। टीजीटी के 4 पद हैं। इसमें से 2 खाली हैं। 2 ही भरे हुए हैं। डेपुटेशन के लिए जिसका आर्डर आया है यदि स्कूल उसे रिलीव कर देती है तो स्कूल में टीजीटी के पद पर एक ही टीचर रह जाएगा।
स्टाफ की कमी: प्रिंसिपल
प्रिंसिपल देसराज ने कहा कि स्टाफ की कमी के चलते अभिभावक उनसे मिले थे। लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी स्कूल में किया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षिका पहले से डेपुटेशन पर है जबकि दूसरी टीचर की डेपुटेशन पर जाने की मंजूरी मिली है। पांच पद पहले से स्कूल में खाली पड़े हुए हैं। विभाग के ध्यान में इस मामले को लाया गया है।
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