; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

जेबीटी शिक्षकों की तैनाती पर कोर्ट ने लगाई रोक

बड़े अरसे के बाद बेरोजगार प्रशिक्षित जेबीटी को नौकरी मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन यह मामला भी टेट मेरिट को कोर्ट में जाने से इस पर भी रोक लग गई है। इससे तैनाती की उम्मीद में बैठे बेरोजगार प्रशिक्षित जेबीटी फिलहाल निराश हो गए है।
सभी जिलाें में शुरू हुई 600 पदों को भरने की यह प्रक्रिया अंतिम मोड़ पर आकर रुक गई है। कोर्ट ने केस नंबर (ओए) 3920/2016 सुमना देवी बनाम एचपी स्टेट, 3896/2016 जोगिंद्र पाल बनाम स्टेट, 3935/2016 मुकेश कुमार बनाम स्टेट सरकार के मामले में विभाग को आदेश दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया आगामी फैसला आने तक रोक दी जाए। वहीं, आदेशों के बाद एलीमेंट्री डायरेक्टर ने सभी डिप्टी डायरेक्टर एलीमेंट्री को आदेश जारी कर दिए हैं कि जेबीटी भर्ती प्रक्रिया की काउंिसलिंग का रिजल्ट घोषित करने की बजाए उसे सील्ड लिफाके में रख लिया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद पात्रों को नियुक्ति पत्र जारी होंगे।

होसकते बारे न्यारे

अगरट्रिब्यूनल कोर्ट में याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला आता है, तो इस वर्ग के बारे न्यारे हो सकते हैं। क्योंकि यह वर्ग टेट मेरिट के आधार पर नियुक्ति मिलने से सबसे ज्यादा आहत है। क्योंकि टीजीटी वर्ग के लिए भी टेट पास की शर्त लागू है। मगर उनके टेट मेरिट लागू नहीं है। इसी का समाधान पाने के लिए करीब तीन साल से दुखी हो रहे पात्र अब काेर्ट कचहरी के चक्कर में पड़ने को तैयार हो गए हैं।

बैचवाइजऔर कमीशन बेस पर हो प्रावधान

वहींइस मामले में बेरोजगार ट्रेंड जेबीटी टीचर इस बात की मांग उठा रहे हैं कि टीजीटी की तरह जेबीटी वर्ग के लिए भी बैजवाइज और कमीशन बेस पर 50-50 फीसदी नियुक्तियां करने का प्रावधान किया जाए। इसमें मामले में सरकार ने अभी तक उनकी इस मांग पर कोई गौर नहीं फरमाया है, जबकि 2010 मंे पास का आउट हुआ बैच भी बेराजगार घूम रहा है। इसके बाद करीब तीन और बैच सरकार ने जेबीटी के तैयार कर दिए हैं।

रेग्युलर होती थी नियुक्ति

जेबीटीकोर्स करने के बाद पात्रों की नियुक्ति छह के भीतर एकमुश्त रेग्युलर अाधार पर होती थी, लेकिन जो बैच 2008 में पास आउट हुआ। उसकी फाइनल परीक्षा का वक्त आया, तो सरकार ने उन्हें रेग्युलर की बजाए अनुबंध आधार पर तैनात करने का प्रावधान कर दिया। प्रोसेपेक्टस में इस शर्त को उजागर करने की बजह से उपजे विरोध के बाद सरकार को उन्हें एकमुश्त रेग्युलर नियुक्त करना पड़ा, लेकिन 2010 वाले बैच ने अनुबंध का विरोध किया, तो उनकी नियुक्तियों को अनुबंध जरूरी करके टेट मंे उलझा कर रख दिया, तबसे लेकर आज तक यह उलझन कम होने का नाम नहीं ले रही है। इससे जेबीटी शिक्षक में भी संदेह बना हुआ है।

अब कोर्ट के आदेश के बाद ही नियुक्ति होगी

^जेबीटीभर्ती रोकने बारे निदेशालय से 26 अगस्त को कार्यालय में लिखित आदेश पहुंच गए हैं। जिनमें कोर्ट के आगामी आदेश के बाद ही नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश हैं। रवितचंद कटोच, डिप्टी डायरेक्टर एलीमंेट्री हमीरपुर
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news