; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

शास्त्रियों को बनाया जाए टीजीटी संस्कृत

धर्मशाला : राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद के पदाधिकारियोंने शास्त्री अध्यापको को टीजीटी संस्कृत बनाने की माग की है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो परिषद सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
संस्कृत शिक्षक परिषद के प्रदेश महासचिव डॉ. सुशील कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरवंश सिपहिया, बिलासपुर के प्रधान सोहन लाल, मंडी के प्रधान मनोज, कागड़ा के प्रधान जीवन ¨सह, राज कुमार ने कहा कि लंबे समय से शास्त्री अध्यापको को टीजीटी बनाने की माग की जा रही है तथा कई बार मुख्यमंत्री से इस बारे में अनुरोध किया गया। वर्तमान में कई शास्त्री अध्यापको ने बीएड की है तथा एमएड, एमफिल, पीएचडी है। ¨हदी व संस्कृत विषय पढ़ा रहे है। परंतु 25 साल शास्त्री की नौकरी करने के बाद भी शास्त्री पद से ही सेवानिवृत्त हो जाते है। टीजीटी संस्कृत न होने की वजह से शास्त्री अध्यापको को बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त किया जाता है। यह शास्त्री वर्ग से अन्याय है।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news