; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

आधार बेस्ड बायो मीट्रिक में लगेगी शिक्षकों की हाजिरी

भास्करन्यूज| शिमला स्कूल में देरी से पहुंचने और नदारद रहने वाले शिक्षक और गैर शिक्षकों की अब खैर नहीं। स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी आधार बेस्ड बायो मीट्रिक मशीनों में लगेगी। इन मशीनों को शिक्षा निदेशालय और डिप्टी डायरेक्टर से लिंक किया जाएगा।
हाजिरी लगते ही इसका रिकार्ड सीधा शिक्षा निदेशालय और डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय पहुंच जाएगा।

कौन सा टीचर कितनी देरी से पहुंचा या कितना टाइम जल्दी चला गया इसका पूरा रिकार्ड शिक्षा निदेशालय और डिप्टी डायरेक्टर ऑफिस पहुंच जाएगा। 200 स्कूलों में इन मशीनों को स्थापित करने का कार्य पूरा हो गया है। उच्चतर शिक्षा विभाग 1718 सीनियर सेकंडरी स्कूल और 928 हाई स्कूलों में इन मशीनों को स्थापित करने जा रहा है। शिक्षा विभाग के पास शिक्षकों के समय पर स्कूल मिलने की शिकायतें कई बार मिलती रहती है। कई अभिभावकों ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर स्कूलों में आधार बेस्ड बायो मीट्रिक मशीनों में हाजिरी लगाने का सुझाव दिया था।

प्रदेश के 200 स्कूलों में आधार बेस्ड बायो मीट्रिक मशीनें स्थापित करने का कार्य पूरा हो चुका है। छुट्टियां खत्म होने के बाद नया सत्र शुरू होते ही इन स्कूलों में बायो मीट्रिक मशीनों में हाजरी लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी उप शिक्षा निदेशालयों को भी इस सुविधा से जोड़ दिया है। इसके बाद स्कूलों को इस में जोड़ा गया है। जिला उप निदेशकों से शिक्षकों और गैर शिक्षकों के आधार नंबर का ब्योरा तलब किया है।

अनुशासन बनाए रखने के लिए फैसला

शिक्षाविभाग का तर्क है कि स्कूल में अनुशासन बनाए रखने, शिक्षकों, गैर शिक्षकों को कैंपस में निर्धारित समय तक रोकने के लिए बायो मीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने का फैसला लिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने बताया कि पहले चरण में 200 स्कूलों, 12 उपनिदेशक कार्यालयों को इससे जोड़ा गया है। चरणबद्ध तरीके से अन्य स्कूलों में भी मशीनों को लगाया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों, बच्चों के पैरेंट्स और स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों (एसएमसी) के माध्यम से भी विभाग को कई प्रस्ताव आए हैं। सभी की शिकायत थी कि स्कूलों में टीचर देरी से पहुंचते हैं और कई बार जल्दी चले जाते हैं। प्रतिनिधियों ने विभाग से स्कूलों में हाजिरी अन्य विभागों की तर्ज पर बायो मीट्रिक में लगाने का सुझाव दिया था। शिक्षा विभाग ने साधार बायो मीट्रिक की जगह आधार बेस्ड बायो मीट्रिक मशीनें लगाने का निर्णय लिया है।

कॉलेजों में हुआ था विरोध

शिक्षाविभाग ने इससे पहले कॉलेजों में भी बायो मीट्रिक मशीनें लगाने की मुहिम शुरू की थी। इसका विरोध शिक्षकों ने किया था। शिमला के कुछ कॉलेजों में ये मशीनें लगाई गई। विरोध के बाद विभाग ने इन्हें लगाने का कार्य रोक दिया था।

UPTET news