ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला प्रदेश के शीतकालीन सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं जल्द शुरू होने वाली हैं। लेकिन, कंप्यूटर विषय का सिलेबस अधूरा पड़ा हुआ है। बीते चार महीनों से प्रदेश के 1135 स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा ठप पड़ी हुई है। विभिन्न मांगों को लेकर कंप्यूटर शिक्षक हड़ताल पर हैं।
इस मामले को हल करने में हो रही देरी स्कूली बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि आधे-अधूरे सिलेबस से विद्यार्थी कंप्यूटर विषय में पास कैसे होंगे? राज्य सरकार ने हड़ताली कंप्यूटर शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए लोकसेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले पीजीटी आईपी के 632 पदों को भरने का प्रस्ताव वापस ले लिया है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति बनाने के आदेश देते हुए मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत करने को कहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि नवंबर में सरकार कंप्यूटर शिक्षकों के मामले को हल कर सकती है।
अगर ऐसा होता है तो भी सिलेबस पूरा करने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा है। कंप्यूटर शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से छात्र हित में जल्द कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने सरकार से कैबिनेट में इस मामले को लेकर जल्द फैसला लेने की मांग की है।
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इस मामले को हल करने में हो रही देरी स्कूली बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि आधे-अधूरे सिलेबस से विद्यार्थी कंप्यूटर विषय में पास कैसे होंगे? राज्य सरकार ने हड़ताली कंप्यूटर शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए लोकसेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले पीजीटी आईपी के 632 पदों को भरने का प्रस्ताव वापस ले लिया है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति बनाने के आदेश देते हुए मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत करने को कहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि नवंबर में सरकार कंप्यूटर शिक्षकों के मामले को हल कर सकती है।
अगर ऐसा होता है तो भी सिलेबस पूरा करने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा है। कंप्यूटर शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से छात्र हित में जल्द कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने सरकार से कैबिनेट में इस मामले को लेकर जल्द फैसला लेने की मांग की है।