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आईटी के टीचर होने पर भी वसूली जा रही फीस

प्रदेश में कंप्यूटर शिक्षकों के लिए अब तक सरकार की ओर से नीति निर्माण हो पाने के कारण शिक्षक अभी हड़ताल पर हैं। आईटी अध्यापकों के स्कूलों में कक्षाओं के लेने पर भी विद्यार्थियों से फीस की वसूली की जा रही है। स्कूल के विद्यार्थियों से 110 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से पैसे की वसूली हो रही है।
विद्यार्थियों से हो रही इस प्रकार की अवैध वसूली से अभिभावकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार के पास जब कम्प्यूटर अध्यापकों के लिए कोई नीति नहीं है फिर इस विषय को लागू करने की सरकार को जल्दबाजी क्यों थी। स्कूलों में आईटी के नाम पर सरकार ने भले ही विद्यार्थियों को बडे़-बड़े सपने दिखाए हों लेकिन धरातल पर सरकार की नाकामी साफ दिखाई दे रही है।

सरकारी स्कूलों में एक ओर तो सरकार शिक्षा में गुणवत्ता की बात करती है दूसरी ओर स्कूलों में आईटी के अध्यापक ही नहीं है। अभिभावकों का मानना है कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिकने के लिए कम्प्यूटर जैसे विषय बेहद जरूरी हैं। ऐसे में सरकार को इस बारे में अपनी स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। एक ओर तो अभिभावकों पर फीस की मार पड़ती है दूसरी ओर इससे उनके नौनिहालों को प्रतियोगिताओं में पिछड़ने का डर सता रहा है। अभिभावकों का तो यहां तक मानना है कि इस प्रकार की फीस वसूली पूरी तरह प्रशासन की तानाशाही है जिसके खिलाफ अब वे भी अपना विरोध जताएंगे।
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