संवाद सहयोगी, सुंदरनगर : अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की लेटलतीफी पर हिमाचल
प्रदेश सीएंडवी संघ भड़क गया है। संघ ने आठ माह बाद भी सीएंडवी शिक्षक वर्ग
के लिए लिखित परीक्षा न होने पर आपत्ति जताई है।
प्रदेश सीएडंवी अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि सीएंडवी शिक्षकों के 1500 पदों को भरने की स्वीकृति मार्च 2016 बजट सत्र में सरकार ने दी थी, जिसमें ये पद 50 फीसद कमीशन तथा 50 फीसद बैचवाइज भरे जाने थे, लेकिन शिक्षा विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश के कई जिलों में बैचवाइज भर्ती भी अधर में लटकी हुई है। साक्षात्कार ले लिया, लेकिन शास्त्री अध्यापकों का परिणाम अभी तक नहीं निकाला गया है। सरकार व विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वैसे ही हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड हमीरपुर द्वारा सीएंडवी वर्ग के 750 पद भरे जाने हैं, जिसके लिए भी 19 नवंबर तक आवेदन मांगे थे, लेकिन तीन महीने हो गए अभी तक इन पदों को भरने के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया। सरकार शिक्षा में गुणवत्ता लाने की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर विभिन्न वर्गो के हजारों शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संघ ने अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड से शीघ्र लिखित परीक्षा करवाने की मांग की है, ताकि नए सत्र में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रदेश सीएडंवी अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि सीएंडवी शिक्षकों के 1500 पदों को भरने की स्वीकृति मार्च 2016 बजट सत्र में सरकार ने दी थी, जिसमें ये पद 50 फीसद कमीशन तथा 50 फीसद बैचवाइज भरे जाने थे, लेकिन शिक्षा विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश के कई जिलों में बैचवाइज भर्ती भी अधर में लटकी हुई है। साक्षात्कार ले लिया, लेकिन शास्त्री अध्यापकों का परिणाम अभी तक नहीं निकाला गया है। सरकार व विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वैसे ही हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड हमीरपुर द्वारा सीएंडवी वर्ग के 750 पद भरे जाने हैं, जिसके लिए भी 19 नवंबर तक आवेदन मांगे थे, लेकिन तीन महीने हो गए अभी तक इन पदों को भरने के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया। सरकार शिक्षा में गुणवत्ता लाने की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर विभिन्न वर्गो के हजारों शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संघ ने अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड से शीघ्र लिखित परीक्षा करवाने की मांग की है, ताकि नए सत्र में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।