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हजारों PTA शिक्षकों को सरकार ने दिया ‘झटका’

शिमला: प्रदेश के हजारों पी.टी.ए. शिक्षकों को सरकार ने आर.टी.ई. के नियम पूरा करने के आदेश जारी किए हैं। इसके मुताबिक अब इन शिक्षकों को टैट की अनिवार्यता के साथ-साथ 50 प्रतिशत अंक की शर्त भी पूरी करनी होगी।
ये नियम प्रदेश के लगभग 7000 हजार पी.टी.ए. शिक्षकों को पूरे करने होंगे। इसमें अनुबंध पर लाए गए शिक्षक भी शामिल होंगे। इस शर्त के चलते शिक्षकों की ग्रांट भी बंद कर दी गई है। बताया जा रहा है कि अनुबंध पर लाए गए पी.टी.ए. शिक्षकों का वेतन भी इस दौरान रोका जा रहा है।

वर्ष 2006 में नहीं था आर.टी.ई. नियम
पी.टी.ए. शिक्षकों का कहना है जब सरकार ने वर्ष 2005-06 में शिक्षकों को नियुक्त किया था तब आर.टी.ई. नियम नहीं थे। प्रदेश में आर.टी.ई. नियम वर्ष 2010 में लागू हुए हैं, ऐसे में पहले से नियुक्त शिक्षकों पर ये नियम थोपे जाना सही नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि इस मामले में सरकार शिक्षकों को छूट दे चुकी है। वर्ष 2015 में सरकार ने पी. टी.ए. शिक्षकों को आर.टी.ई. नियमों में छूट दी थी।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलेंगे शिक्षक
पी.टी.ए. अनुबंध अध्यापक संघ के अध्यक्ष विवेक मेहता का कहना है कि सरकार का यह फैसला सही है। शिक्षकों की नियुक्ति आर.टी.ई. नियमों के लागू होने से 4 साल पूर्व हुई थी, ऐसे में अब शिक्षकों पर ये नियम थोपे जा रहे हैं। उनका कहना है कि जल्द ही इस मामले में शिक्षक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलेंगे। 

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