शिमला: शिक्षा विभाग ने
जिला उपनिदेशकों व स्कूल प्रशासन को 15 मई, 2003 से नियुक्त शिक्षकों और
गैर-शिक्षक कर्मचारियों के जी.पी.एफ. शेयर न काटने के आदेश जारी किए हैं।
विभाग ने इन सभी कर्मचारियों को सी.पी.एफ. नम्बर देने व इनके जी.पी.एफ.
शेयर को सी.पी.एफ. में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के मुताबिक
अभी भी स्कूलों व जिला कार्यालयों में 15 मई, 2003 से नियुक्त कर्मचारियों
के जी.पी.एफ. शेयर से काटे जा रहे हैं जबकि सरकार ने वर्ष 2003 से
जी.पी.एफ. योजना बंद करके इसकी जगह सी.पी.एफ. शुरू की है। विभाग का तर्क है
कि ऐसे में विभागीय स्तर पर दिक्कतें आ रही हैं। इसके साथ ही सरकारी स्तर
पर भी इसमें असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में जब संबंधित कर्मचारी
सेवानिवृत्त होता है या उसकी अकस्मात मृत्यु होती है तो ऐसे मामलों को
निपटाने में बहुत दिक्कतें पेश आती हैं। इन मामलों के निपटान में कई महीने
लग जाते हैं। इसके चलते विभाग ने जिलों को उक्त आदेश जारी किए हैं।आगामी दिनों में मामले सामने आए तो होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने मामले पर स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि आगामी दिनों में यदि ऐसे मामले सामने आए तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। विभाग ने तुरंत प्रभाव से ऐसे कर्मचारियों का जी.पी.एफ. बंद करने व सी.पी.एफ. शेयर की गणना करके कोषाधिकारियों को सत्यापित करने को कहा है और साथ ही जी.पी.एफ. का शेयर कर्मचारी के सी.पी.एफ. अकाऊंट में ट्रांसफर करने के आदेश भी जारी किए हैं।