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पी.जी.टी. शिक्षकों से अन्याय कर रही सरकार

नई दिल्ली : पी.जी.टी. शिक्षक प्रदेश में 26 अप्रैल, 2010 के पश्चात लगातार अन्याय का पात्र बनते आ रहे हैं। जिला स्तरीय बैठक सीनियर सैकेंडरी स्कूल बाल हमीरपुर में हुई।
बैठक में जिलाध्यक्ष देस राज कटवाल विशेषातिथि, टी.जी.टी. संघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राकेश कानूनगो, विज्ञान संघ पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मनोज पाल सिंह परिहार व पी.जी.टी. शिक्षक नेताओं ने सरकार पर विगत 6 वर्षों में अलग पी.जी.टी. वरिष्ठता सूची जारी करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि वरिष्ठता सूची बनाते समय सरकार एवं विभाग पी.जी.टी. शिक्षकों की टी.जी.टी. वरिष्ठता को आधार मानकर सूची तैयार करे अन्यथा संघ कोर्ट में  मामला दर्ज करवाएगा।

उन्होंने मांग की कि एक माह के भीतर विभाग वरिष्ठता सूची जारी करे। प्रधानाचार्य कोटा पी.जी.टी. प्रवक्ताओं की संख्या के आधार पर 33 प्रतिशत टी.जी.टी., 33 प्रतिशत सीधी भर्ती नियुक्त प्रवक्ताओं एवं 33 प्रतिशत पी.जी.टी. शिक्षकों को आबंटित किया जाए। इस अवसर पर पी.जी.टी. शिक्षक नेताओं में महासचिव प्रदीप कतना, राजीव रांगड़ा, वीरी सिंह, वीरदेव कलसी, दिनेश कुमार, कुलभूषण, सुनयना राणा, अंजू शर्मा, किरण शर्मा, कुसुम कुमारी, रेखा ठाकुर, अजय कुमार, हरदीप सिंह, मनोज कुमार, रमेश कुमार, अरुण कुमार व अजय शर्मा सहित लगभग 60 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। 

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