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नई नियुक्ति में अब नहीं चलेगा मास्टरों का नखरा

प्रारंभिकशिक्षा विभाग ने बीते मंगलवार को विभाग में 265 टीजीटी को नियुक्तियां दी थी। इनमें 207 टीजीटी आर्ट्स, 24 टीजीटी मेडिकल और 134 टीजीटी नॉन मैडिकल को अप्वाइंट किया है। जबकि 84 जेबीटी को प्रमोट करके टीजीटी बनाया था। सभी टेट क्वालिफाइड हैं।
हिमाचल प्रदेश स्टाफ सलेक्शन कमिशन हमीरपुर ने इन के लिए परीक्षा का आयोजन किया था। जिसके बाद इन शिक्षकों को अप्वाइंटमेंट दी गई है। अनुबंध आधार पर इन शिक्षकों को तैनात किया गया है। अप्वाइंटमेंट ऑर्डर के बीस दिनों के भीतर इन शिक्षकों को ज्वाइन करने के आदेश दिए गए हैं। इन सभी शिक्षकों पर ये नियम लागू होगा।

ज्वाइनिंग से मुकरने वाले टीचरों को एक साल तक नहीं मिलेगी नियुक्ति

भास्कर न्यूज| शिमला

शिक्षाविभाग ने सरकारी स्कूलों में तैनात किए जाने वाले शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नई शर्त लगा दी है। शिक्षक पहली अप्वाइंटमेंट में च्वाइस के स्टेशन लेने का नखरा नहीं दिखा पाएंगे। नए नियुक्त होने वाले टीचर यदि पहली नियुक्ति में ज्वाइन करने से इंकार करते हैं तो उन्हें एक साल तक नियुक्ति नहीं दी जाएगी। ये शर्त अप्वाइंटमेंट ऑफर और नई नियुक्ति तक जारी रहेगी। विभाग ने तर्क दिया है कि नियमों के हिसाब से शिक्षकों को नियुक्ति ट्राइबल, हार्ड और ग्रामीण क्षेत्रों में दी जाती है, लेकिन शिक्षक च्वाइस का स्टेशन मिलने के चलते या तो आर्डर मोडिफाई करवा लेते हैं या फिर ज्वाइन ही नहीं करते। इसके चलते राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो पाती। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों की ज्वाइनिंग के बाद वहां पर पहले से तैनात शिक्षकों को रिलीव किया जाए। इसकी सूचना शिक्षा विभाग को भेजें।

बारबार बदलने पड़ते थे ऑर्डर: शिक्षाविभाग नई नियुक्तियां राज्य के दूर दराज, हार्ड, ट्राइबल और ग्रामीण क्षेत्रों में ही करता है। ज्यादातर मामलों में देखने को मिलता है कि टीचर उन स्थानों में ज्वाइन ही नहीं करते जो शिक्षा विभाग ने ऑफर किए हैं। राजनीतिक पहुंच का फायदा उठाकर टीचर डीओ नोट लगाकर अपनी एडजस्टमेंट दूर दराज क्षेत्रों के बजाए शहर के आसपास के स्कूलों में करवा लेते हैं। 

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