; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

सदन में PTA, PAT, SMC के मुद्दे पर हंगामा, विपक्ष का वाकआऊट

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पी.टी.ए., पैट व एस.एम.सी. शिक्षकों की भर्ती के मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में रोस्टर को लागू न करने का आरोप लगाते हुए सदन से नारेबाजी करते हुए वाकआऊट किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने पी.टी.ए. शिक्षकों पर घोड़े दौड़ाए थे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवाएं देने वाले पी.टी.ए., पैट व एस.एम.सी. शिक्षकों के लिए सरकार विकल्प तलाशने का प्रयास कर रही है। इसी तरह आऊटसोर्स पर सेवाएं देने वालों के प्रति भी सरकार गंभीर है।

कांग्रेस सरकार ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया
उन्होंने कहा कि पी.टी.ए. सहित ऐसे सभी लोगों को राहत मिलनी चाहिए, जो लंबे समय से सरकारी क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बजट का इंतजार करना चाहिए, जिसमें सबके के लिए रास्ता निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि पी.टी.ए. शिक्षकों को सरकार ने वहां पर तैनात किया, जहां पर शिक्षक सेवाएं देने को तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और उन दसवीं पास विद्या उपासकों को भी जे.बी.टी. का दर्जा दिया, जो भाजपा कार्यकाल में लगाए गए थे।

पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के साथ हुआ अन्याय : रविंद्र रवि/हंस राज
इससे पहले विधायक रविंद्र रवि और हंस राज ने प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए सरकार पर पी.टी.ए., पैट और एस.एम.सी. शिक्षक भर्ती में रोस्टर को न अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 33 फीसदी और 35 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले चहेते शिक्षकों को भी नौकरी दी है। इस कारण पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती के बाद सरकार ने आऊटसोर्स भर्ती का नया तरीका निकाला है लेकिन रोस्टर को कहीं पर भी अपनाया नहीं गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया में ऐसी नीति नहीं अपनानी चाहिए, जिससे पढ़े-लिखे लोगों की अनदेखी हो।

मुद्दे को भटका रहे हैं मुख्यमंत्री 
उन्होंने मुख्यमंत्री पर मुद्दे को भटकाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 फीसदी ओ.बी.सी., 26 फीसदी एस.सी. तथा 9 फीसदी जनजातीय आबादी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके लिए क्या चिंता की है। मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि सरकार को सबकी चिंता है और न्यायालय के निर्देशों तथा अपने तौर पर वैकल्पिक रास्ता अपनाकर शिक्षकों के लिए नीति को लागू किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष के विधायकों को 2 दिन बजट का इंतजार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कायदे कानून के अनुसार काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार रोस्टर की कमी को बैकलॉग पूरा करके भर देगी।

भाजपा शिक्षक व कर्मचारी विरोधी : अग्रिहोत्री
पी.टी.ए., पैट व एस.एम.सी. शिक्षकों की भर्ती के मुद्दे पर सदन हंगामे और वाकआऊट पर संसदीय मामलों के मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने टिप्पणी करते हुए भाजपा को पी.टी.ए., पैट, एस.एम.सी. और कर्मचारी विरोधी बताया। उनके साथ सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने भी भाजपा विधायकों के व्यवहार पर टिप्पणी की। वाकआऊट से पहले भाजपा विधायकों ने सरकार पर चोर दरवाजे से भर्ती करने का आरोप लगाया और रोस्टर को न अपनाने पर आपत्ति जताई।

UPTET news