शिमला: विधानसभा चुनाव में ड्यूटी देने के लिए आज से
शिक्षक अपने पोलिंग स्टेशनों के लिए रवाना हो गए हैं। दूरदराज के क्षेत्रों
में जो पोलिंग स्टेशन हैं वहां ड्यूटी देने के लिए चार दिन पहले ही
शिक्षक रवाना हो गए।
शिक्षकों के आज से विधानसभा चुनाव में ड्यूटी लग जाने से प्रदेश की शिक्षा पर काले बादल मंडराने लगे हैं। जहां शीतकालीन वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर में होनी हैं वहां शिक्षा का स्तर गिरेगा। बात दूसरे कर्मचारियों की करें तो शिक्षा विभाग ने दिव्यांगों की ड्यूटी भी इस चुनाव में लगा दी हैं। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के स्टाफ को सरकार ने छह से दस नवंबर तक चुनावी ड्यूटी में लगा दिया है।
प्रदेश में सत्तर हजार टीचर
शिक्षकों की डयूटी लगा देने से दुर्गम स्थानों वाले अध्यापकों को सबसे अधिक दिक्कत होगी। दुर्गम स्थानों पर पुरुष शिक्षक ही अधिकतर तैनात हैं। प्रदेश में 70 हजार के करीब शिक्षकों की संख्या है। इनमें से चालीस हजार पुरुष और तीस हजार महिला शिक्षक हैं। महिलाएं अधिकतर शहरी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। जिला उपायुक्तों ने स्कूलों को बंद होने की समस्या से बचाने के लिए नजदीक के स्कूलों की एसएमसी को उन स्कूलों में भेजने के आदेश जारी किए हैं जहां शिक्षकों का चुनाव के चलते टोटा है। शिक्षा विभाग ने जिला उपनिदेशकों को इनकी सूची देकर यहां स्कूलों को बंद होने से रोकने का प्लान जारी कर दिया है।
दिसंबर में शीतकालीन स्कूलों की परीक्षाएं
दुर्गम स्थानों वाले स्कूलों में दिसंबर माह में वार्षिक परीक्षाएं हो जाती हैं। चुनाव में अध्यापकों की ड्यूूटी होने के कारण उनके रिवीजन पर बुरा प्रभाव पडऩे के आसार हैं। इससे स्कूलों में अच्छी शिक्षा दिए जाने के विभागीय दाव ठुस होते हुए नजर आ रहे हैं।
शिक्षकों के आज से विधानसभा चुनाव में ड्यूटी लग जाने से प्रदेश की शिक्षा पर काले बादल मंडराने लगे हैं। जहां शीतकालीन वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर में होनी हैं वहां शिक्षा का स्तर गिरेगा। बात दूसरे कर्मचारियों की करें तो शिक्षा विभाग ने दिव्यांगों की ड्यूटी भी इस चुनाव में लगा दी हैं। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के स्टाफ को सरकार ने छह से दस नवंबर तक चुनावी ड्यूटी में लगा दिया है।
प्रदेश में सत्तर हजार टीचर
शिक्षकों की डयूटी लगा देने से दुर्गम स्थानों वाले अध्यापकों को सबसे अधिक दिक्कत होगी। दुर्गम स्थानों पर पुरुष शिक्षक ही अधिकतर तैनात हैं। प्रदेश में 70 हजार के करीब शिक्षकों की संख्या है। इनमें से चालीस हजार पुरुष और तीस हजार महिला शिक्षक हैं। महिलाएं अधिकतर शहरी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। जिला उपायुक्तों ने स्कूलों को बंद होने की समस्या से बचाने के लिए नजदीक के स्कूलों की एसएमसी को उन स्कूलों में भेजने के आदेश जारी किए हैं जहां शिक्षकों का चुनाव के चलते टोटा है। शिक्षा विभाग ने जिला उपनिदेशकों को इनकी सूची देकर यहां स्कूलों को बंद होने से रोकने का प्लान जारी कर दिया है।
दिसंबर में शीतकालीन स्कूलों की परीक्षाएं
दुर्गम स्थानों वाले स्कूलों में दिसंबर माह में वार्षिक परीक्षाएं हो जाती हैं। चुनाव में अध्यापकों की ड्यूूटी होने के कारण उनके रिवीजन पर बुरा प्रभाव पडऩे के आसार हैं। इससे स्कूलों में अच्छी शिक्षा दिए जाने के विभागीय दाव ठुस होते हुए नजर आ रहे हैं।