शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बायोमीट्रिक
मशीनों से शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों की हाजिरी नहीं लगेगी। हिमाचल
प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में
बायोमीट्रिक मशीनों के माध्यम से हाजिरी लगाने के प्रस्ताव को फिलहाल वापस
ले लिया है।
विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली अलग होने के चलते और अलग-अलग प्रकार के स्टाफ विभागों में तैनात होने के चलते बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी न लगा पाने का हवाला देते हुए यह प्रस्ताव वापस लेने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को देखते हुए बायोमीट्रिक मशीनें लगाना व्यावहारिक नहीं पाया गया है, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह प्रस्ताव वापस ले लिया है।
प्रस्ताव वापस लेने के पीछे यह दिया जा रहा तर्क
बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने का प्रस्ताव वापस लिए जाने के पीछे यह तर्क दिया गया है कि विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को विभिन्न कार्यों के लिए समय-समय पर टूअर पर भी जाना पड़ता है। इसके अलावा गैर-शिक्षक कर्मचारियों में से भी कुछ स्टाफ ऐसा है जो समय-समय टूअर पर रहता है, ऐसे में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को हाजिरी लगाने के लिए बायोमीट्रिक के दायरे में लाना संभव नहीं था।
शिक्षकों व गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने किया था विरोध
बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से हाजिरी लगाने का प्रस्ताव आने पर यहां कार्यरत शिक्षकों व गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने इसका विरोध किया था। शिक्षकों व गैर शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को बायोमीट्रिक मशीन लगाए जाने की स्थिति में भी इन मशीन के माध्यम से हाजिरी लगाने से इंकार कर दिया था। विरोध से पहले बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की प्रक्रिया में देरी हुई थी और अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने संस्थान की कार्यप्रणाली ऐसी नहीं पाई कि यहां बायोमीट्रिक मशीन से स्टाफ की हाजिरी लगाई जा सके, ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से स्टाफ की हाजिरी नहीं लगेगी।
वर्ष 2015 में लिया था बायोमीट्रिक मशीन लगाने का निर्णय
शिक्षकों व कर्मचारियों को बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगाने का निर्णय ई.सी. ने वर्ष 2015 में लिया था लेकिन कर्मचारियों ने इस निर्णय का विरोध किया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बायोमीट्रिक मशीनों को लगाकर कर्मचारियों के कार्यालय में समय पर पहुंचने को सुनिश्चित बनाना था। इसके अलावा शिक्षकों का भी विभागों व कक्षाओं में समय पर आने को सुनिश्चित बनाने को लेकर यह निर्णय लिया गया था।
इन स्थानों पर लगाने का था प्रस्ताव
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सभी मुख्य विभागों व शाखाओं में यह बायोमीट्रिक मशीनें लगाए जाने का प्रस्ताव था इसके तहत विश्वविद्यालय के आर्ट्स और साइंस ब्लाक, प्रशासनिक भवन व कुलपति कार्यालय आदि में यह मशीनें लगाने की योजना थी लेकिन सूचना के अनुसार अब यह बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का प्रस्ताव वापस ले लिया गया है।
विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली अलग होने के चलते और अलग-अलग प्रकार के स्टाफ विभागों में तैनात होने के चलते बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी न लगा पाने का हवाला देते हुए यह प्रस्ताव वापस लेने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को देखते हुए बायोमीट्रिक मशीनें लगाना व्यावहारिक नहीं पाया गया है, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह प्रस्ताव वापस ले लिया है।
प्रस्ताव वापस लेने के पीछे यह दिया जा रहा तर्क
बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने का प्रस्ताव वापस लिए जाने के पीछे यह तर्क दिया गया है कि विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को विभिन्न कार्यों के लिए समय-समय पर टूअर पर भी जाना पड़ता है। इसके अलावा गैर-शिक्षक कर्मचारियों में से भी कुछ स्टाफ ऐसा है जो समय-समय टूअर पर रहता है, ऐसे में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को हाजिरी लगाने के लिए बायोमीट्रिक के दायरे में लाना संभव नहीं था।
शिक्षकों व गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने किया था विरोध
बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से हाजिरी लगाने का प्रस्ताव आने पर यहां कार्यरत शिक्षकों व गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने इसका विरोध किया था। शिक्षकों व गैर शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को बायोमीट्रिक मशीन लगाए जाने की स्थिति में भी इन मशीन के माध्यम से हाजिरी लगाने से इंकार कर दिया था। विरोध से पहले बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की प्रक्रिया में देरी हुई थी और अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने संस्थान की कार्यप्रणाली ऐसी नहीं पाई कि यहां बायोमीट्रिक मशीन से स्टाफ की हाजिरी लगाई जा सके, ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से स्टाफ की हाजिरी नहीं लगेगी।
वर्ष 2015 में लिया था बायोमीट्रिक मशीन लगाने का निर्णय
शिक्षकों व कर्मचारियों को बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगाने का निर्णय ई.सी. ने वर्ष 2015 में लिया था लेकिन कर्मचारियों ने इस निर्णय का विरोध किया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बायोमीट्रिक मशीनों को लगाकर कर्मचारियों के कार्यालय में समय पर पहुंचने को सुनिश्चित बनाना था। इसके अलावा शिक्षकों का भी विभागों व कक्षाओं में समय पर आने को सुनिश्चित बनाने को लेकर यह निर्णय लिया गया था।
इन स्थानों पर लगाने का था प्रस्ताव
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सभी मुख्य विभागों व शाखाओं में यह बायोमीट्रिक मशीनें लगाए जाने का प्रस्ताव था इसके तहत विश्वविद्यालय के आर्ट्स और साइंस ब्लाक, प्रशासनिक भवन व कुलपति कार्यालय आदि में यह मशीनें लगाने की योजना थी लेकिन सूचना के अनुसार अब यह बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का प्रस्ताव वापस ले लिया गया है।