राज्य ब्यूरो, शिमला : शिक्षा निदेशालय में तैनात शिक्षकों के शनिवार को
उस समय हाथ पांव फूल गए जब शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने अचानक पूछ
लिया कि निदेशालय में कितने शिक्षक तैनात हैं? सुरेश भारद्वाज ने प्रारंभिक
व उच्च शिक्षा निदेशालयों के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ बैठक की।
वह विभाग की शाखाओं की कार्यप्रणाली के संबंध में जानने के लिए चर्चा कर
रहे थे।
शिक्षा मंत्री द्वारा निदेशालय में तैनात शिक्षकों के संबंध में पूछने
पर बैठक में शामिल निदेशालय में तैनात शिक्षकों को खड़ा होकर अपनी पहचान
बतानी पड़ी। हालांकि मंत्री ने इसके बाद उन्हें लेकर कोई बात नहीं की। सुरेश
भारद्वाज ने निदेशालय में तैनात शिक्षकों को वापस स्कूलों में भेजनी की
बात कही थी। ऐसे में बैठक में निदेशालय में तैनात शिक्षकों का खड़ाकर उनकी
पहचान करने से हड़कंप मच गया। निदेशालय में 12 से अधिक शिक्षक तैनात हैं।
शिक्षा मंत्री ने निदेशालयों में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे
अपने कार्यप्रणाली में सुधार लाएं। नई सरकार के साथ मिल कर काम करें ताकि
स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाया जा सके। उन्होंने निदेशालय में लंबित
मामलों को सौ दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने सौ दिनों के
दौरान तय किए गए लक्ष्य पर भी चर्चा की। इसके अलावा शिक्षा विभाग से उन
स्कूलों का रिकॉर्ड मुहैया करवाने को कहा जिनके पास अपने भवन नहीं हैं और
जिन स्कूलों के भवनों की हालत जर्जर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी
स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करें। शिक्षा
से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए जो बजट आ रहा है, उसे समय अवधि के भीतर
खर्च करें। इस दौरान शिक्षा सचिव डॉ. अरुण शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा विभाग
के निदेशक मनमोहन शर्मा और उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. अमरदेव उपस्थित
थे।