जयपुर, 31 मार्चः राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायतीराज
राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार इस साल अक्टूबर तक 77
हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर लेगी।
रीट के आधार पर तृतीय
श्रेणी शिक्षक भर्ती में लेवल एक व दो की भर्ती प्रक्रिया आगामी कुछ महीनों
में पूरी हो जाएगी। प्रधानाध्यापक के 1200 पदों पर भर्ती की अभ्यर्थना
राजस्थान लोक सेवा आयोग को भेज दी गई है।
नेशनल अचीवमेंन्ट सर्वे
में देशभर में दूसरे स्थान पर आने पर गुरुवार को राजस्थान शिक्षक संघ
सियाराम एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव
देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के उत्थान के प्रति पूरी तरह गम्भीर
होकर कार्य कर रही है। पिछले चार साल में हमने प्रदेश की शिक्षा की तस्वीर
बदल कर रख दी है। आज अभिभावक सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने के
लिए लगातार आगे आ रहे हैं। आने वाले दिनों में हम शिक्षा के क्षेत्र में
देश का नम्बर एक राज्य होंगे।
मंत्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान
में पिछले चार सालों में शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है।
पहले राजस्थान देशभर में 21वें स्थान पर था। अब समग्र रूप से देश में दूसरे
स्थान पर आ गया है। माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में हम देश में पहले एवं
प्रारम्भिक शिक्षा में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। हमने कक्षा 3, 5 और 8 की
परीक्षा पद्धति में बदलाव किए। सर्वे में 8वीं कक्षा की पढ़ाई में हम देश
में पहले, 5वीं में दूसरे एवं तीसरी कक्षा की पढ़ाई में हम देश में तीसरे
स्थान पर हैं।
शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को देश के
इतिहास, संस्कृति और समाज से परिचित कराने के लिए सभी स्कूलों में भारत
दर्शन गलियारा तैयार किया जाएगा। इसमें फोटो गैलेरी के रूप में भारत के
इतिहास और संस्कृति की शिक्षा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के
स्कूलों में 3200 करोड़ की लागत से रमसा के तहत निर्माण कार्य करवाए गए है।
शीघ्र ही नाबार्ड से प्राप्त 600 करोड़ की लागत से 2 हजार स्कूलों में
निर्माण कार्य करवाए जाएंगे। अजमेर शहर में रमसा के तहत 10 करोड़ रूपए के
निर्माण कार्य करवाए गए हैं। स्कूलों को भौतिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए
पूरी गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं।