पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान स्कूल प्रबंधन समितियों के माध्यम से पीरियड आधार पर रखे गए 2630 SMC शिक्षकों को जयराम सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने इनका एक साल कार्यकाल बढ़ा दिया है। साथ ही एसएमसी शिक्षकों के लिए सरकार ने स्थायी नीति बनाने का आश्वासन भी दे दिया।
मंगलवार को विधानसभा परिसर में एसएमसी शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री जयराम को सम्मानित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सेवा विस्तार बढ़ाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इन अध्यापकों को आश्वासन दिया कि उनके लिए पॉलिसी बनाने पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। इसके लिए विभाग से प्रस्ताव मांगा है। बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने इन शिक्षकों का मानदेय 20 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की थी। एसएमसी शिक्षक संघ ने मानदेय में बढ़ोतरी करने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त कर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। विधानसभा परिसर में इसको लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सरकार का वेतन में बढ़ोतरी और कार्यकाल बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका प्रदेश में जहां पर भी दौरा होता था एसएमसी शिक्षक अपनी मांग लेकर पहुंच जाते थे। बजट बनाते वक्त उन्होंने उनके मानदेय में बढ़ोतरी करने की घोषणा का निर्णय लिया। पीरियड बेसिस एसएमसी टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पितान, महासचिव मनोज रोंगटा, उपाध्यक्ष पवन नेगी, कमल जोशी, अंकित रामटा, अमित राज, नरेश राणा, संतराम सहित अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे। उन्होंने सरकार का वेतन में बढ़ोतरी और कार्यकाल बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया।नियुक्ति को बनेगी एक समान नीति : भारद्वाज
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा विभाग में एसएमसी, पीटीए, विद्या उपासक के अलावा कई तरह से अस्थायी शिक्षकों की तैनाती हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में नियुक्तियों के लिए एक समान पॉलिसी लागू करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्तर अच्छा हो इस पर काम किया जा रहा है। पूर्व सरकार में प्रिंसिपल भी एडहॉक पर ही रखे गए हैं। इन्हें रेगुलर प्रमोशन नहीं दी गई इस पर भी विचार किया जा रहा है। सारा रिकॉर्ड विभाग से मांगा है।