राज्य में शिक्षकों के तबादलों के लिए बनने वाले ट्रांसफर एक्ट पर दो महीने
बाद फिर से कसरत शुरू हो गई है। सचिव शिक्षा डा. अरूण शर्मा ने मामले की
फाइल शिक्षा मंत्री को भेजी गई है। इसमें पूछा है कि ट्रांसफर एक्ट बनाना
है या फिर मौजूदा ट्रांसफर पॉलिसी में ही बदलाव करना है।
या फिर तबादलों के
लिए ऑर्डर जारी किया जाए। सूत्रों के मुताबिक पिछले सप्ताह शिक्षा मंत्री
ऑफिस से ये फाइल वापिस सचिव को भेज दी गई है। शिक्षा मंत्री ने इस पर
डिस्कस करने के आदेश दिए हैं। विभागीय स्तर पर इस पर होमवर्क शुरू कर दिया
है। शिक्षा विभाग ने पहले 100 दिनों के लक्ष्य में ट्रांसफर एक्ट बनाने का
मामला भी रखा था। राजनीतिक दबाव के चलते इसे सिरे नहीं चढ़ाया जा सका था।
होगा मंथन
जल्द मंत्री के साथ बैठक करेंगे शिक्षा सचिव
सॉफ्टवेयर बनाने का आईटी विभाग को सौंपा है काम
शिक्षा विभाग ने एक्ट का प्रारूप तैयार कर इसके लिए सॉफ्टवेयर
बनाने की तैयारी भी कर ली थी। महाराष्ट्र और हरियाणा मॉडल को स्टडी किया
गया था। विभाग ने हिमाचल में शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए सॉफ्टवेयर बनाने
का काम आईटी विभाग को सौंपा था। हरियाणा और महाराष्ट्र की तर्ज पर ही इस
सॉफ्टवेयर को तैयार किया जाना था। शिक्षा निदेशक डा. अमरदेव की ट्रांसफर
एक्ट को लेकर यूनियनों के साथ बैठक हो चुकी है। इसमें उनकी राय ली गई है।
भाजपा शासित राज्यों में लागू है इस तरह का नियम| देश में भाजपा शासित
राज्यों में टीचर ट्रांसफर के लिए इस तरह की पॉलिसी लागू की जा चूकी है।
हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात के अलावा कई अन्य राज्यों की तर्ज पर ही विभाग
ने हिमाचल में भी ट्रांसफर एक्ट का प्रारूप तैयार किया था।
तबादलों के आवेदन एक फाइल पर लाओ: शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री के ऑफिस में तबादलों को लेकर काफी ज्यादा आवेदन आए
हुए हैं। कई फाइलें उनके ऑफिस में ट्रांसफर केस की है। उन्होंने ब्रांचों
को निर्देश दिए हैं कि तबादलों के मामले की एक ही फाइल तैयार करके उनके पास
भेजें।
ट्रांसफर एक्ट के लिए विभाग ने तैयार किया पूरा रिकार्ड| शिक्षकों के
ट्रांसफर एक्ट के लिए शिक्षा विभाग ने पूरी तैयारियां की हुई है। विभाग ने
शिक्षकों के 10 सालों का रिकार्ड तैयार किया है। इसके तहत 12 हजार टीचर ऐसे
हैं जो 35 किलोमीटर के दायरे में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चाहे सरकार
किसी भी पार्टी की हो ये टीचर अपनी पसंद का स्टेशन ढूंढ ही लेते हैं। विभाग
अब 20 सालों का रिकार्ड तैयार कर रहा है।
एक्ट में ये किए थे प्रावधान
शिक्षा विभाग 100 दिनों के टारगेट ट्रांसफर एक्ट बनाने का
प्रस्ताव रखा था। इस के लिए एक्ट का प्रारूप तैयार भी कर लिया गया था। एक्ट
में ट्रांसफर के लिए 5 जोन बनाए गए थे। इनमें ए, बी, सी, डी और और ई जोन
में बांटा गया था। एक्ट में प्रावधान किया है कि राज्य सरकार किसी भी
शिक्षक का तबादला म्यूचुअल आधार पर नहीं करेगी। इस एक्ट के लागू हो जाने के
बाद टीचरों के तबादले काउंसलिंग के आधार पर ही किए जाएंगे। टीचरों को
ट्रांसफर के समय बताया जाएगा कि क्यों उनका तबादला देय है। आन लाइन ही यह
सारी स्थिति शिक्षक को क्लियर की जाएगी। जनवरी से 15 मार्च तक का समय
ट्रांसफर के लिए निर्धारित किया था।