कैबिनेट के फैसले : सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के कारण बदलनी होगी प्रक्रिया , कैबिनेट में लंबी चर्चा, अब कल हाईकोर्ट में देंगे जवाब, स्किल यूनिवर्सिटी खोलने के प्रस्ताव पर भी फैसला नहीं
हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : एसएमसी भर्ती पर मंजूरी देने के बावजूद सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर दुविधा में है। कैबिनेट में इस मसले पर लंबी चर्चा हुई, लेकिन भर्ती प्रक्रिया पर बदलाव को लेकर कुछ बिंदुओं पर अड़चन है।
खासकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस बारे में पूर्व में आए आदेश के बाद। शिक्षा सचिव की ओर से कुल चार बदलावों का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया था। इसमें पदों का विज्ञापन और भर्ती आरटीई के अनुसार करने यानी टेट पास अभ्यर्थी को ही नियुक्त करने का प्रावधान था। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे सभी पदों के लिए सभी को बराबर मौका देने के आदेश दिए हैं। इसलिए प्रक्रिया बदलनी होगी। चूंकि इंटरव्यू अब नहीं हो सकते हैं, इसलिए शिक्षक का चयन मुश्किल हो रहा है।
इस पॉलिसी में ये साफ है कि ये भर्ती स्टाप गैप अरेंजमेंट होगी और ये शिक्षक केवल पीरियड के आधार पर मानदेय पाएंगे तथा कभी रेगुलर नहीं हो पाएंगे। कैबिनेट में लंबी चर्चा के बाद अब सरकार 11 जुलाई को हाईकोर्ट में इस बारे में जवाब रखेगी। एसएमसी भर्ती के लिए हार्ड एरिया उन क्षेत्रों को माना जाएगा, जिन स्कूलों में पिछले एक साल से टीचर नहीं थे। हालांकि इनमें एक एक टीचर युक्तिकरण के बाद दे दिये गए हैं। कैबिनेट में सिरमौर के कालाअंब में राज्य की पहली स्किल यूनिवर्सिटी निजी क्षेत्र में खोलने के प्रस्ताव पर भी फैसला नहीं हो पाया। इस बारे में प्रस्ताव को तकनीकी आधार पर लौटा दिया गया। मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना पर अब पहले कैबिनेट के सामने प्रेजेंटेशन देनी होगी।
जनमंच को और प्रभावी बनाया जाएगा
राज्य सरकार अब जनमंच कार्यक्रम को और प्रभावी बनाएगी। कैबिनेट में जनमंच पर लंबी प्रेजेंटेशन दी गई। इसमें कहा गया कि अब जनमंच में आने वाली शिकायतों को ई समाधान से जोड़ा जाएगा और मंत्री भी इन्हें मानीटर करेंगे। ये कार्यक्रम हर महीने के पहले रविवार को होता है, जिसमें सभी जिलों में एक एक कैबिनेट मंत्री लोगों के बीच जाता है और शिकायतें सुनता है।