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ऐसा कोई स्कूल नहीं जहां कम से कम एक शिक्षक तैनात न हो

विधि संवाददाता, शिमला : प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ऐसा कोई स्कूल नहीं है जिसमें कम से कम एक शिक्षक तैनात नहीं किया गया हो। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ (चंबा) व मंडी की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दोगरी में शिक्षकों के पद भर दिए गए हैं। मामले पर सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

इस मामले पर सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष हुई। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दोगरी के बच्चों ने हाईकोर्ट के नाम पत्र लिखकर शिक्षकों को तैनात करने की गुहार लगाई थी। इस स्कूल में टीजीटी नॉन मेडिकल गणित का एक पद वर्ष 2006 से, टीजीटी विज्ञान का पद मई 2014 से, टीजीटी आ‌र्ट्स के दो पद 14 जुलाई 2016 से और भाषा अध्यापक का एक पद वर्ष 1998 से रिक्त था। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ में पांच शिक्षकों के ज्वाइन न करने पर स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी भूख हड़ताल पर चले गए थे। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शिक्षा विभाग प्रशासन हरकत में आया व इन स्कूलों में रिक्त पदों को भरा गया। आज होगी सुनवाई


प्रदेश उच्च न्यायालय ने विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त हजारों पदों को तुरंत भरने के लिए राज्य सरकार को आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद रिक्त पद तुरंत भरने के लिए सरकार हरकत में आ गई है। रिक्त पदों को बैचवाइज व सीधी भर्ती से भरने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मामले पर सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

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