हमीरपुर। हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा विभाग के उस फैसले का कड़ा
विरोध किया है जिसमें बिना स्पष्टीकरण लिए शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोक दी
है।
संघ के राज्य प्रधान केसर ठाकुर, महासचिव संजीव ठाकुर, प्रांतीय प्रेस
सचिव राजन शर्मा, कार्यकारी प्रधान रामकृष्ण मार्कंडेय सहित सभी
पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि परीक्षा परिणाम कम आने के दूसरे कारण
भी हैं और विभाग को सभी कारणों का पता लगाकर परीक्षा परिणाम के लिए सही
नीति बनानी चाहिए। आठवीं तक फेल न करने की नीति का खामियाजा आठवीं से अगली
कक्षाओं में भुगतना पड़ता है। मिड सेशन में शिक्षकों के तबादले कर दिए जाते
हैं। जिस से परीक्षा परिणाम पर विपरीत असर पड़ता है।
शिक्षकों से
पूरा साल गैर शिक्षण कार्य जैसे चुनाव ड्यूटी, बीच सत्र में शिक्षकों के
सेमिनार और प्रशिक्षण करवाए जाते हैं, जिस से छात्रों की पढ़ाई बाधित होती
है। इससे शिक्षण दिवस कम हो जाते हैं। विभाग की अन्य गतिविधियों, मूलभूत
ढांचे की कमी इत्यादि कारण भी खराब परीक्षा परिणाम के लिए उत्तरदायी हैं।
इन सभी कारणों पर अध्ययन करके ही सही परीक्षा परिणाम नीति बनानी चाहिए।
किसी शिक्षक का परिणाम कई साल अच्छा रहता है और एक साल कम आता है तो शिक्षक
को अयोग्य मान लेना गलत है। जिनका परीक्षा परिणाम इस बार कम आया है उन्हें
एक मौका और दिया जाए और तुरंत सभी शिक्षकों की वेतन वृद्धि को जारी किया
जाए। संघ के प्रांतीय प्रेस सचिव राजन शर्मा ने कहा कि लेक्चरर संघ शीघ्र
प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सरकार और शिक्षा निदेशक व
सचिव को ज्ञापन देगा। संघ ने निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।