राज्य ब्यूरो, शिमला : सरकार प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में
शिक्षकों की कमी को दूर करेगी। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से
शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी
कर दी है। दुर्गम क्षेत्रों के शिक्षा उप निदेशकों एसएमसी शिक्षकों की
भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्कूलों में पीईटी,
डीपीई और डीएम के पद को छोड़कर अन्य पदों पर एसएमसी के शिक्षकों की भर्ती की
जाएगी। इसके अलावा दुर्गम क्षेत्रों के उन स्कूलों में एसएमसी शिक्षक
तैनात किया जाएगा, जहां पर एक भी अध्यापक नहीं है। प्रदेश हाईकोर्ट के
संज्ञान के बाद प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए जेबीटी
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। वहीं शिक्षा विभाग ने शिक्षकों
का युक्तीकरण कर सरप्लस शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में तैनात किया है।।
इसके बावजूद प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के हजारों
पद रिक्त रह गए हैं। अब इसे देखते हुए केवल दुर्गम क्षेत्र के स्कूलों के
लिए एसएमसी शिक्षक भर्ती करने की अनुमति दी गई है। यह भर्ती अस्थायी तौर पर
की जा रही है। जो शिक्षक पदों के अनुसार योग्यता पूरी करते है, उन्हें ही
एसएमसी के माध्यम से रखा जाएगा। योग्यता पूरी करने वाले अभ्यर्थी
प्रधानाचार्य के पास आवेदन कर सकते हैं।
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नियमित तैनाती के बाद एसएमसी शिक्षक हटेंगे
सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए ये अस्थायी
व्यवस्था की है। इसके तहत जब इस पद कोई नियमित या अनुबंध आधार पर शिक्षक को
तैनाती दी जाएगी तो एसएमसी शिक्षकों को इस पद से हटना होगा। सरकार ने पंकज
कुमार के न्यायालय मामले के दृष्टिगत ये अस्थायी व्यवस्था की है।