हिमाचल प्रदेश के कुल्लू
जिला में राजकीय अध्यापक संघ 5 सिंतबर यानि बुधवार को काला बिल्ला लगाकर
विरोध जताएगा. संघ के अध्यक्ष सुनील वर्मा ने कहा कि संघ ने बैठक कर निर्णय
लिया है और पूर्व में संघ के द्वारा सरकार व शिक्षा मंत्री को 48 सूत्रीय
मांग पत्र सौंपा था जिसके बाद शिक्षा मंत्री ने जून माह तक कुछ मांगें
मानने के लिए आश्वासन दिया था और जिसके बाद पिछले 8 माह में शिक्षा मंत्री
ने शिक्षकों की मांग पर गौर नहीं किया.
सुनील वर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षकों का एक ओर तो शोषण कर रही है और दूसरी
तरफ 5 सितंबर को सम्मनित कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की
सालाना सैलेरी इंक्रीमेंट पर रोक लगा दी है और जिसकी नोटिफीकेशन कर विभाग ने शिक्षकों को सूचना सौंपी है, हम उसका विरोध कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शिक्षक को जिम्मेवार ठहरा
रहे हैं जो गलत है. ऐसे में कई स्कूलों में एक शिक्षक ही तैनात है और जिसे
पांच क्लासें पढ़ानी पड़ रहा है और कई बार शिक्षक का एक साल के बाद तबादला
किया जाता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर फर्क पड़ता है.
उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने पीटीए, पैरा टीचर व एसएमसी से भर्ती
की, जिसके कारण स्कूलों में बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर बड़ा असर पड़ा
है. उन्होंने कहा कि सरकार को स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के
लिए पीटीआर पर ध्यान देना होगा. स्कूलो में हर कक्षा के लिए कम से कम एक
टीचर पढ़ा जिससे बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाई जा सके.
उन्होंने
कहा कि सरकार को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षकों की मांग पर
गौर करना चाहिए जिससे शिक्षकों को पढ़ाने के लिए बेहतर सुविधा मिले और
प्रदेश में सरकारी स्कूलों में घट रही बच्चों की संख्या बढ़ाया जाए और लोग
सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाकर अच्छी शिक्षा ग्रहण करवाएं ताकि
यहीं बच्चे आगे जाकर देश के भविष्य संवार सके.