शिमला प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी के कारणों पर शिक्षा विभाग
की ओर से संतोषजनक उत्तर न मिलने पर तलब किए गए। शिक्षा सचिव हाईकोर्ट में
उपस्थित हुए।
हाईकोर्ट के पिछले आदेशानुसार शिक्षा सचिव ने शपथपत्र दायर
नहीं किया। इस कारण कोर्ट में महाधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि 3 दिन के भीतर
शपथपत्र दायर कर दिया जाएगा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ
ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात शिक्षा सचिव से पूछा था कि शिक्षा
विभाग में रिक्त पड़े सभी प्रकार के पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए गए
हैं। कोर्ट ने कहा था कि शिक्षा सचिव का शपथ पत्र पिछले आदेशानुसार नहीं
है। कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी थी कि स्कूलों में हर विषय के अनुसार
रिक्त पदों की संख्या कुल कितनी है।
जिले के अनुसार स्कूलों की संख्या कुल कितनी है। कितने पदों को भरने के
लिए हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को रिकविजीशन भेजी गई है और कितने
समय में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा? इसके बाबत जानकारी सचिव के शपथ पत्र
के माध्यम से न्यायालय के समक्ष रखने के आदेश जारी किए गए थे। मामले पर
सुनवाई अब 19 सितंबर को होगी।