शिमला: प्रदेश में सामने आए करोड़ों के छात्रवृत्ति
घोटाले की फाइल जल्द ही सी.बी.आई. को सौंप दी जाएगी। इस दौरान सामने आया है
कि 266 करोड़ की छात्रवृत्ति की राशि में से 220 करोड़ रुपए प्राइवेट
संस्थानों को जारी किए गए हैं। स्कॉलरशिप की करोड़ों की रकम पाने वाले
दर्जनों संस्थान मान्यता प्राप्त भी नहीं हंै।
शिक्षा मंत्री सुरेश
भारद्वाज ने बताया कि विभाग ने मामला सरकार को भेज दिया है। जल्द ही मुख्य
सचिव के माध्यम से सी.बी.आई. को केस भेजा जाएगा।
पढ़ाई छोड़ चुके युवक के नाम पर जारी हुई छात्रवृत्ति
सूत्रों की मानें तो सालों से चल रहे इस घोटाले में करोड़ों की रकम निजी
संस्थानों को मिली है। विभागीय जांच में सामने आया कि एक युवक जिसके नाम पर
छात्रवृत्ति जारी हुई, उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उसने बताया कि
वह तो पढ़ाई छोड़ चुका है।
70 फीसदी से अधिक संस्थान प्रदेश के बाहर के
छात्रवृत्ति लेने वाले 70 फीसदी से अधिक संस्थान प्रदेश के बाहर के हैं।
ओपन यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को भी छात्रवृत्ति की
राशि दी गई है। प्रदेश में पिछले 5 वर्षों से यह घोटाला चल रहा था लेकिन
विभाग को भी इसकी भनक नहीं लगी। अब जब यह मामला उजागर हुआ तो निजी शिक्षण
संस्थान सकते में आ गए हैं।