विश्वविद्यालय और इसके अपने शिक्षण संस्थानों में चल रही शिक्षकों की रिक्तियों के चलते पढ़ाई के साथ ही शोध गतिविधियां प्रभावित हो रही है। विकल्प के तौर पर विश्वविद्यालय ने गेस्ट फैकल्टी के रूप में सेवानिवृत्त शिक्षक और यूजीसी के तय मानकों को पूरा करने वाले शिक्षकों को कक्षाएं पढ़ाने में लगाया है। जब तक भर्ती नहीं होती, तब तक व्यवस्था ऐसे ही चलेगी। विवि को हालांकि उम्मीद है कि जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को यूजीसी से हरी झंडी मिल जाएगी।
रोक हटते ही शुरू होगी भर्ती: डॉ. रणवीर
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रणवीर वर्मा ने माना कि विवि में शिक्षकों के 181 पदों को भरने के लिए तैयारी पूरी की गई है। शिक्षक भर्ती के लिए एससी, एसटी रोस्टर से संबंधित मसला सर्वोच्च न्यायालय के पास विचाराधीन है, इस कारण यूजीसी ने फिलहाल नई भर्ती पर फैसला आने तक रोक लगा रखी है। जैसे ही रोक हटेगी, भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।