मंडी (नीरज): बजट में बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों के
लिए कोई विशेष घोषणा न होने से खफा शारीरिक शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं और
सरकार को चुनावों से पहले खाली चल रहे दो हजार पदों को भरने का अल्टीमेटम
दिया है। रविवार को प्रदेश भर के प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षक मंडी
शहर की सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि सरकार बच्चों को नशे से दूर रखने और उन्हें खेलों की तरफ बढ़ाने के मात्र खोखले दावे कर रही है जबकि प्रदेश के हजारों स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं।

प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि सरकार बच्चों को नशे से दूर रखने और उन्हें खेलों की तरफ बढ़ाने के मात्र खोखले दावे कर रही है जबकि प्रदेश के हजारों स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं।

इन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर
लोकसभा चुनावों से पहले शारीरिक शिक्षकों के दो हजार पदों को भरने की
अधिसूचना जारी नहीं हुई तो फिर चुनावों में सरकार को इसका सबक सिखाया
जाएगा। वहीं प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने सरकार पर स्कूली
बच्चों के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है। प्रशिक्षित बेरोजगार
शारीरिक शिक्षक संदीप कुमार ने कहा कि सरकार ने 100 से कम संख्या वाले
स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पदों को न भरने का फैसला लिया है जिससे इस
बात का पता चलता है कि सरकार इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को शारीरिक
शिक्षा नहीं देना चाहती। इन्होंने सभी स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के
पदों को सृजित करके उन्हें भरने की मांग उठाई है।