शिमला (मनोहर): प्रदेश
हाईकोर्ट ने सरकार को इस बाबत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश जारी किए
हैं कि वर्तमान में प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के कितने पद खाली पड़े
हैं और अगले 6 माह में कितने पद खाली होंगे। भविष्य में रिक्त पदों को भरने
के लिए सरकार की ओर से क्या रणनीति होगी।
ये आदेश मुख्य न्यायाधीश
सूर्यकांत और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने प्रदेश भर के स्कूलों में
शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को भरने को लेकर चल रही जनहित याचिका की
सुनवाई के पश्चात पारित किए हैं। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि लोक
सेवा आयोग व सेवा चयन आयोग की सिफारिशों के पश्चात शिक्षकों की तैनाती कर
दी गई है। कुछ शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आचार संहिता के कारण देरी हुई
है तथा आचार संहिता के तुरंत पश्चात इन शिक्षकों को भी नियुक्ति प्रदान कर
दी जाएगी।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान न्यायालय
को बताया गया था कि प्रदेश में हाल ही में 631 शिक्षकों को नियुक्ति देने
के लिए चयन बोर्ड ने अपनी संस्तुति शिक्षा विभाग को भेज दी है, जिनमें से 8
जनवरी को 327 टी.जी.टी. (कला) को विभाग ने नियुक्ति दे दी है। कोर्ट ने
कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को आदेश दिए हैं कि वह शपथ पत्र के माध्यम से
बताए कि कितने समय में अन्य स्वीकृत रिक्त पदों को भरने बाबत प्रक्रिया अमल
में लाई जाएगी। शिक्षा सचिव ने शपथ पत्र के माध्यम से अदालत को बताया था
कि सरकार द्वारा जे.बी.टी. के 919 पद, सी.एंड वी. के 1367 पद और टी.जी.टी.
के 1901 पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंडी जिला की
निहरी तहसील की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दोघरी में अध्यापकों के
खाली पदों को उजागर करने वाले मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने उक्त आदेश
पारित किए। मामले की आगामी सुनवाई 11 जून को निर्धारित की गई है।