सोलन (पाल): शिक्षा
विभाग ने जिला सोलन के 30 निजी स्कूलों को अल्टीमेटम जारी कर दिया है। यदि
2-3 दिनों में फीस स्ट्रक्चर की जानकारी नहीं दी तो इन स्कूलों को जारी की
गई एन.ओ.सी. (अनापत्ति प्रमाण पत्र) वापस ली जाएगी। मजेदार बात यह है कि
शिक्षा विभाग ने जिला सोलन के 110 निजी स्कूलों से फीस स्ट्रक्चर की
जानकारी मांगी थी लेकिन इनमें से 80 निजी स्कूलों ने विभाग को यह जानकारी
उपलब्ध करवा दी है जबकि 30 स्कूलों ने विभाग को यह जानकारी देना जरूरी नहीं
समझा है।
फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों ने स्कूलों के खिलाफ खोला मोर्चा
यहां पर विदित रहे कि निजी स्कूलों में
फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों ने जिला के कई स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोला
हुआ है। इन स्कूलों की मनमानी को लेकर शिक्षा विभाग से शिकायत भी की गई है।
अभिभावकों के रोष को देखते हुए शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है।
अभिभावक संघ द्वारा फीस वृद्धि को लेकर किए गए आंदोलन के कारण दबाव में आए
कई निजी स्कूलों ने फीस में कटौती भी कर दी लेकिन अभी भी जिला में कई ऐसे
निजी स्कूल हैं जो फीस कम करने को तैयार नहीं हैं। शिक्षा विभाग ने भी ऐसे
निजी स्कूलों पर फीस कम करने का दबाव बनाने के मकसद से फीस स्ट्रक्चर की
जानकारी मांगी थी। अभी तक 30 स्कूलों ने यह जानकारी नहीं दी है।
मान्यता प्राप्त स्कूलों को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की एन.ओ.सी. लेना अनिवार्य
सूत्रों का कहना है कि शिक्षा विभाग ऐसे
स्कूलों को डिफाल्टर सूची में डाल सकता है और इन स्कूलों की विभाग एन.ओ.सी.
वापस ले सकता है। प्रदेश में सी.बी.एस.सी., आई.सी.एस.ई. व हिमाचल प्रदेश
शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से मान्यता प्राप्त स्कूलों को हिमाचल प्रदेश शिक्षा
बोर्ड की एन.ओ.सी. लेना अनिवार्य है। इसी के आधार पर इन स्कूलों को
मान्यता मिलती है। यदि शिक्षा विभाग ने एन.ओ.सी. ही वापस ले ली तो इन
स्कूलों की मान्यता भी खतरे में पड़ सकती है। इससे इन स्कूलों में अध्ययनरत
छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक सकती है। अब यह देखना है कि जिला में शेष
बचे स्कूल शिक्षा विभाग को फीस संबंधित जानकारी देते हैं या फिर इस मुद्दे
पर विभाग से आर-पार की लड़ाई लड़ते हैं।
यदि स्कूलों ने जानकारी नहीं दी तो डिफाल्टर लिस्ट में शामिल किया जाएगा
उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग सोलन
योगेन्द्र मखैक का कहना है कि जिला सोलन में 110 निजी स्कूलों से फीस से
संबंधित जानकारी मांगी गई थी, जिनमें से अभी तक 80 स्कूलों ने ही यह
जानकारी दी है जबकि 30 स्कूलों से यह जानकारी आना अभी शेष है। उम्मीद है कि
ये सभी स्कूल मांगी गई जानकारी को उपलब्ध करवाएंगे। यदि स्कूलों ने
जानकारी नहीं दी तो इन्हें डिफाल्टर लिस्ट में शामिल किया जाएगा, जिसके बाद
विभाग ऐसे स्कूलों की एन.ओ.सी. वापस लेगा।