सोलन (नरेश पाल): सोलन में
निजी स्कूलों की मनमानी और फीस वृद्धि की मिल रही शिकायतों के बाद शिक्षा
विभाग अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। अभिभावकों द्वारा शिक्षा विभाग को की
गई शिकायतों के मध्यनजर आज उच्च शिक्षा उपनदेशक योगेंदर मखैक द्वारा सभी
स्कूलों की मीटिंग बुलाई।
जिसकी सूचना विभाग द्वारा सभी निजी स्कूलों को दी
गई थी। इसके बावजूद केवल 21 स्कूल के पदाधिकारियों ने ही बैठक में भाग
लिया और अपने-अपने स्कूल के वित्य लेखा जोखा पेश किया। जबकि 14 स्कूलों ने
विभाग के निर्देशों की अनदेखी की। स्कूलों की गैरहाजरी को देखते हुए
उपनिदेशक सुर्ख नजर आए और बैठक में भाग न लेने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त
कार्रवाई की बात कही। वहीं उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंध को वही अध्यापक
स्कूलों में रखने चाहिए जो सभी शर्ते पूरी करते हो।
मैनेजमेंट को भी अध्यापकों को पूरी सैलरी
देनी चाहिए। उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट से अपील की कि वह जितनी फीस वृद्धि
कर रहे हैं उसका हिस्सा भी अध्यापकों की तनख्वाह में लगाया जाए। ताकि
छात्रों को अध्यापक में लगाकर अच्छी शिक्षा दे। उन्होंने कहा कि मजबूरी में
अगर कोई अध्यापक आपके पास काम कर रहा है तो उसकी मजबूरी का फायदा ना उठाए।
क्योंकि अगर अध्यापक खुश नहीं तो कभी स्कूल का फायदा नहीं हो सकता।
उन्होंने मैनेजमेंट से स्कूलों के अकोउन्ट को चार्टेड अकोउन्ट से ऑडिट
करवाने की बात भी कही। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज तक
अभिवावक स्कूल के साथ थे लेकिन अब आपके साथ नहीं है जो कि चिंता का विषय
है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से अभिभवकों से पैसे के लेनदेन में पारदर्शिता
बनाए रखने की बात कही।