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बीएड की काउंसलिंग में भी फंसा सवर्ण आरक्षण का पेच

बीएड डिग्री कोर्स में एचपीयू पहली बार ऑनलाइन काउंसलिंग के साथ आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के विद्यार्थियों को आरक्षण देने की तैयारी कर रहा है। काउंसलिंग ऑनलाइन करने को कंप्यूटर सेंटर ने सॉफ्टवेयर तैयार लिया है। अब काउंसलिंग शेड्यूल और दस फीसदी आरक्षण देने पर फैसला होना बाकी है। विवि का दावा है कि इस पर एक सप्ताह में फैसला लिया जाएगा।

पहले आरक्षण सरकारी संस्थानों में ही लागू करने की योजना है। विवि के आला अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। अब बात यहां अड़ी है कि आरक्षण मौजूदा संस्थानों को आवंटित सीटों में ही दिया जाएगा या अलग से संस्थानों में सीटें बढ़ेंगी। बीएड काउंसलिंग की प्रक्रिया कब शुरू होगी, आरक्षण कैसे लागू होगा और यह सरकारी संस्थानों में ही लागू होगा या विवि से संबद्ध निजी 73 बीएड संस्थानों में भी लागू किया जाएगा, इस पर अभी फैसला होना है। कंप्यूटर सेंटर के इंचार्ज मुकेश शर्मा ने कहा कि काउंसलिंग की तैयारी पूरी है। एक सप्ताह के भीतर रोस्टर लागू करने और काउंसलिंग की प्रक्रिया पर फैसला लिया जाएगा।

साढ़े 12 हजार परीक्षार्थियों को मेरिट, काउंसलिंग शेडयूल का इंतजार
बीएड कोर्स में करीब साढ़े आठ हजार सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा हुई थी। इसमें अपीयर करीब साढ़े बारह हजार अभ्यर्थियों को ऑनलाइन मेरिट जारी होने के साथ काउंसलिंग शेडयूल की अधिसूचना का इंतजार है। विवि ने वीरवार को मेरिट सूची जारी करने की बात की थी, मगर इसे साइट पर अपलोड नहीं किया गया है। विवि के शिक्षा विभाग की चेयरपर्सन प्रो. रंजना भान ने कहा कि इस बार काउंसलिंग ऑनलाइन होगी।

ऑनलाइन काउंसलिंग की यह रहेगी प्रक्रिया
बीएड कोर्स की पहली बार ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में छात्र को विवि में उपस्थित होने की जरूरत नहीं रहेगी। ऑनलाइन आवेदन फार्म के आधार पर ही विश्वविद्यालय कॉलेज की च्वॉयस के मुताबिक मेरिट के प्राप्तांक और श्रेणी के आधार पर सीट आवंटित करेगा। सीट आवंटित होने के बाद छात्र संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट करेगा। शैक्षणिक और अन्य योग्यता और पात्रता के प्रमाण पत्रों की पड़ताल कॉलेज को करनी होगी। यदि दस्तावेज पेश न किए जाते हैं तो छात्र का सीट आवंटन रद्द हो जाएगा। विवि सिर्फ बीएड की पहली परीक्षा के दौरान भरे जाने वाले फार्म के साथ दस्तावेज मांगेगा।

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