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निजी स्कूलों में शिक्षा विभाग की दबिश, मचा हड़कंप

चंबा। बेहतर पढ़ाई और व्यवस्था देने के नाम पर जिले के साथ लगते क्षेत्रों में चल रहे निजी स्कूलों में खामियों की भरमार है। यह खामियां वीरवार को उस समय सामने आई जब प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक की गठित निरीक्षण टीम स्कूलों में दबिश देने पहुंची।
गठित निरीक्षण टीम ने आठ स्कूलों में दबिश दी। लेकिन किसी भी स्कूल में व्यवस्था बेहतर नहीं पाई गई। एक निजी स्कूल में तो हाजिरी रजिस्टर में नाम न होने के बावजूद एक अध्यापिका को पढ़ाते हुए निरीक्षण टीम ने पकड़ा।
निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में कमरों की कमी पाई गई तो कहीं स्कूली बच्चों के लिए पानी की भी व्यवस्था नहीं मिली। विभागीय टीम ने निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की और सात दिनों के भीतर इन खामियों को दुरुस्त करने की हिदायत दी। विभागीय टीम ने साफ किया है कि अगर सात दिनों के भीतर यह खामियां दुरुस्त नहीं की जाती है, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।


जानकारी के अनुसार जिला उपशिक्षा अधिकारी हितेंद्र कुमार, विशेष कार्य अधिकारी संजीव पुरी, बीईईओ ऑफिस अधीक्षक-द्वितीय सुशील भारद्वाज और लिपिक विनोद कुुमार ने सरोल, भद्रम, कियाणी और राजनगर क्षेत्र के निजी स्कूलों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान निजी स्कूलों में कमरों की कमी, शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था, अयोग्य अध्यापक, जेबीटी और ओटी अध्यापकों की कमी, खेल मैदान भवन से काफी दूर, हाजिरी रजिस्टर अधूरा और स्कूल रिकॉर्ड में खामियां पाई गई। जिस पर निजी स्कूल प्रबंधकों को विभाग ने सख्त हिदायत दी है। गौरतलब है कि प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक फौजा सिंह ने निजी स्कूलों के निरीक्षण के लिए विशेष दल का गठन किया गया है। यह टीम वीरवार को निजी स्कूलों में दबिश देने पहुंची।

प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेक चंबा फौजा सिंह ने बताया कि निरीक्षण के लिए विशेष दल गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सात दिनों के भीतर निजी स्कूल प्रबंधकों को खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए है। अगर निजी स्कूल प्रबंधक ऐसा नहीं करते है तो स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। 

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