शिमला – हिमाचल के सैकड़ों पीटीए शिक्षकों को सुप्रीम
कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने पीटीए शिक्षकों को पार्टी
बनाने की याचिका स्वीकार कर ली है।
अब हिमाचल के पीटीए शिक्षक कोर्ट में अपना पक्ष रख पाएंगे। बता दें कि हिमाचल अनुबंध शिक्षक संघ की तरफ से संघ के प्रदेशाध्यक्ष बोविल ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में पीटीए मामले में पार्टी बनाए जाने की याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हिमाचल के करीब 14 हजार अस्थायी शिक्षकों के नियमितीकरण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पीटीए की तरफ से पेश वकील एडवोकेट सीए सुंदरम ने पार्टी बनाए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर मजबूती से पक्ष रखा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया। उल्लेखनीय है कि हिमाचल के करीब 14 हजार अस्थायी पीटीए, पैट, पैरा, और ग्रामीण विद्या उपासक के नियमितीकण से जुड़े मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई। हिमाचल प्रदेश अनुबंध शिक्षक संघ पीटीए के प्रदेशाध्यक्ष बोविल ठाकुर का कहना है कि यह मामला आइटम 102 के तहत कोर्ट 14 में लगाया गया, लेकिन कोर्ट ने आगामी तिथि के जारी होने की व्यवस्तता की वजह से दो सप्ताह का समय दिया है। बोविल ने कहा कि कोर्ट ने इस मामले की अंतिम सुनवाई दो हफ्ते बाद तय की है।
अब हिमाचल के पीटीए शिक्षक कोर्ट में अपना पक्ष रख पाएंगे। बता दें कि हिमाचल अनुबंध शिक्षक संघ की तरफ से संघ के प्रदेशाध्यक्ष बोविल ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में पीटीए मामले में पार्टी बनाए जाने की याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हिमाचल के करीब 14 हजार अस्थायी शिक्षकों के नियमितीकरण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पीटीए की तरफ से पेश वकील एडवोकेट सीए सुंदरम ने पार्टी बनाए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर मजबूती से पक्ष रखा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया। उल्लेखनीय है कि हिमाचल के करीब 14 हजार अस्थायी पीटीए, पैट, पैरा, और ग्रामीण विद्या उपासक के नियमितीकण से जुड़े मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई। हिमाचल प्रदेश अनुबंध शिक्षक संघ पीटीए के प्रदेशाध्यक्ष बोविल ठाकुर का कहना है कि यह मामला आइटम 102 के तहत कोर्ट 14 में लगाया गया, लेकिन कोर्ट ने आगामी तिथि के जारी होने की व्यवस्तता की वजह से दो सप्ताह का समय दिया है। बोविल ने कहा कि कोर्ट ने इस मामले की अंतिम सुनवाई दो हफ्ते बाद तय की है।