शिमला (प्रीति):
नॉन-ग्रांटिड एस.एम.सी. शिक्षकों के बाद अब ग्रांटिड एस.एम.सी. शिक्षकों को
भी नौकरी से बाहर किया गया है। प्रदेश के चम्बा और शिमला जिला के स्कूलों
में रैगुलर शिक्षक आने से 12 से अधिक शिक्षकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा
है।
इससे पूर्व विभाग ने बीते अगस्त माह में 15 से 20 नॉन-ग्रांटिड
एस.एम.सी. शिक्षकों बाहर का रास्ता दिखाया था। रैगुलर शिक्षक आने से इन
शिक्षकों को बाहर किया गया था। ऐसे में बीते दो वर्षों में लगभग 1700
नॉन-ग्रांटिड एस.एम.सी. टीचर को बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। बताया जा
रहा है कि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को पदोन्नत कर उन स्कूलों में भेजा है,
जहां नॉन-ग्रांटिड और ग्रांटिड शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में इन
शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही अस्थायी शिक्षकों को नौकरी से बाहर किया जा
रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के स्कूलों में इस समय 550 नॉन-ग्रांटिड
एस.एम.सी. शिक्षक और 2000 से अधिक ग्रांटिड एम.एस.सी. शिक्षक सेवाएं दे रहे
हैं।नियमों में है प्रावधान
मामले पर शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि
सरकार की एस.एम.सी. पॉलिसी में उक्त शिक्षकों को रैगुलर शिक्षकों के आने
से नौकरी से बाहर करने का प्रावधान है, ऐसे में आने वाले दिनों में शिक्षा
विभाग 500 से अधिक टी.जी.टी. को नियुक्ति देने जा रहा है, जिससे कई
एस.एम.सी. शिक्षकों को बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है।
भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत स्कूलों में लगे हैं ये शिक्षक
नॉन-ग्रांटिड व ग्रांटिड शिक्षक भर्ती एवं
पदोन्नति नियमों के तहत स्कूलों में लगे थे। इनमें जे.बी.टी. डी.एम,
पी.ई.टी, टी.जी.टी, शास्त्री और पी.जी.टी. शामिल हैं। ये शिक्षक अधिकतर
जिला शिमला, सिरमौर, चम्बा, किन्नौर के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। ये
शिक्षक सभी योग्यताएं पूरी करते हैं और जे.बी.टी., टी.जी.टी. टैट क्वालीफाई
और बी.एड. हैं।