; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

हिमाचल प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की सुधरेगी हालत, प्राचार्य खुद बनाएंगे डेव्‍लपमेंट प्लान, पढ़ें पूरा मामला

 शिमला, अनिल ठाकुर। Himachal Govt Colleges, प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की हालत सुधारी जाएगी। कॉलेज में क्या मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए इसके लिए प्राचार्य खुद डेवल्पमेंट प्लान तैयार करेंगे। शिक्षा विभाग ने सभी प्राचार्यों को पत्र जारी कर कॉलेजों का डेवल्पमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्लान में यह बताना होगा कि कॉलेज में छात्रों व प्राध्यापकों को क्या मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकती हैं। लैब बनाने व खेल गतिविधियों के लिए क्या जरूरत है। प्राचार्यों को अप्रैल तक प्लान तैयार कर शिक्षा निदेशालय भेजना होगा। शिक्षा विभाग मूलभूत सुविधाएं जुटाने के लिए बजट जारी करेगा। विभाग का कहना है कि कॉलेजों के पास रूसा सहित अन्य फंड रहता है। डेवल्पमेंट प्लान पर इस फंड को खर्च किया जा सकता है।  

नैक ग्रेडिंग में होगा सुधार

विभाग की ओर से कॉलेजों को नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) का बेहतर ग्रेड दिलाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। नैक ग्रेडिंग में छात्रों व शिक्षकों को दी जा रही सुविधाओं को भी देखा जाता है।

प्रदेश में हैं 137 कॉलेज

प्रदेश में 137 के करीब सरकारी कॉलेज हैं। इनमें से 30 से अधिक कॉलेज पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खोले गए हैं। नए कॉलेजों में मूलभूत सुविधाएं न के बराबर हैं। हालांकि इनके लिए भवन बनाने का काम चल रहा है। विभाग का तर्क है कि डेवल्पमेंट प्लान के हिसाब से सुविधाएं जुटाने में बेहतर तरीके से काम हो सकेगा।

डेवल्‍पमेंट प्‍लान बनेगा

अतिरिक्त शिक्षा निदेशक डा. प्रमोद चौहान का कहना है हर कॉलेज का डेवल्पमेंट प्लान बनाया जाएगा। इसके लिए सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज में क्या सुविधाएं होनी चाहिए, अभी क्या सुविधाएं हैं इस पर प्लान बनेगा। इसके आने के बाद विभाग बजट जारी करेगा। कॉलेजों के पास काफी फंड होता है। इससे भी प्राचार्य इन कार्यों को कर सकते हैं।

UPTET news