शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। सिंगापुर और कंबोडिया के सफल एक्सपोजर विजिट के बाद अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित कैंब्रिज यूनिवर्सिटी भेजने की तैयारी की जा रही है।
शिक्षा विभाग ने इस संबंध में योजना तैयार कर ली है, जिसके तहत चयनित शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, मूल्यांकन प्रणाली, लर्निंग गैप की पहचान और समावेशी शिक्षा जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव से शिक्षक न केवल नई तकनीकें सीखेंगे, बल्कि उन्हें कक्षा शिक्षण में प्रभावी रूप से लागू भी कर सकेंगे।
बताया जा रहा है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के साथ समझौता किया गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के सत्र आयोजित होंगे, ताकि अधिक से अधिक शिक्षक इसका लाभ उठा सकें। प्रशिक्षण में वैश्विक स्तर की बेस्ट प्रैक्टिस, नवाचार और छात्र-केंद्रित शिक्षण मॉडल पर विशेष फोकस रहेगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार करना और छात्रों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाना है। विदेश प्रशिक्षण से लौटने के बाद शिक्षक अपने अनुभव अन्य शिक्षकों के साथ भी साझा करेंगे, जिससे राज्यभर में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है, ताकि हिमाचल प्रदेश की स्कूली शिक्षा को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान दिलाई जा सके।