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हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों के लिए शिक्षक उप-संवर्ग बनाने की तैयारी, फरवरी में होगी परीक्षा

 हिमाचल प्रदेश सरकार ने सीबीएसई पाठ्यक्रम से संचालित सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षकों का अलग उप-संवर्ग (सब कैडर) बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत फरवरी माह में विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के माध्यम से योग्य शिक्षकों का चयन कर उन्हें सीबीएसई स्कूलों के शिक्षक उप-संवर्ग में शामिल किया जाएगा।

शिक्षा विभाग का मानना है कि सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने के लिए अलग कैडर बनने से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा। अभी तक सामान्य कैडर के शिक्षक ही इन स्कूलों में तैनात हैं, जिससे बोर्ड की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण में कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आती रही हैं। उप-संवर्ग बनने से शिक्षकों को सीबीएसई पैटर्न के अनुरूप प्रशिक्षण और स्थायित्व मिल सकेगा।

परीक्षा के जरिए चयन

विभागीय जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा में वही शिक्षक शामिल हो सकेंगे जो तय की गई योग्यता और सेवा शर्तों को पूरा करते हैं। परीक्षा में सफल शिक्षकों को सीबीएसई स्कूलों के लिए गठित उप-संवर्ग में स्थान दिया जाएगा। इससे भविष्य में नियुक्ति, स्थानांतरण और पदोन्नति की प्रक्रिया भी अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी।

शिक्षकों की प्रतिक्रिया

इस निर्णय को लेकर शिक्षकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ शिक्षक इसे सकारात्मक पहल बता रहे हैं, क्योंकि इससे सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अलग पहचान मिलेगी। वहीं, कुछ शिक्षक परीक्षा प्रक्रिया और नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा असर

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि परीक्षा से संबंधित विस्तृत अधिसूचना, सिलेबस और दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

यह फैसला हिमाचल प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों को भी दीर्घकालीन लाभ मिलने की उम्मीद है।

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