शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अहम बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है। नई नीति के तहत अब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक केवल सरकारी कैडर में ही सेवाएं दे सकेंगे। सरकार का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही को मजबूत करना है।
सूत्रों के अनुसार यह फैसला खासतौर पर सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को ध्यान में रखकर लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों के लिए एक अलग कैडर बनाया जाएगा, जिसमें बने रहने के लिए निर्धारित योग्यता और मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
परीक्षा या चयन प्रक्रिया की तैयारी
सरकार इस कैडर में शामिल शिक्षकों के लिए परीक्षा या चयन प्रक्रिया लागू करने पर भी विचार कर रही है। जो शिक्षक तय मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें अन्य शैक्षणिक या प्रशासनिक जिम्मेदारियों में समायोजित किया जा सकता है।
लगभग 5,000 शिक्षक हो सकते हैं प्रभावित
इस फैसले से प्रदेश में करीब 5,000 शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि किसी भी शिक्षक के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और सभी निर्णय चरणबद्ध व नियमों के तहत लिए जाएंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना लक्ष्य
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से:
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शिक्षकों की भूमिका स्पष्ट होगी
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कैडर व्यवस्था मजबूत होगी
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छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी
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स्कूलों में शैक्षणिक अनुशासन बढ़ेगा
अंतिम आदेश का इंतजार
फिलहाल यह निर्णय नीति स्तर पर है। शिक्षा विभाग की ओर से जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना या आदेश जारी किए जाने की संभावना है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।