जागरण संवाददाता, सोलन : हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रिंसिपल एसोसिएशन की
प्रदेश कार्यकारिणी ने शिक्षा विभाग में चल रहे दोहरे मापदंडों पर गहरी
चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन का कहना है कि इन दोहरे मापदंडों के कारण
गुणात्मक शिक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है, जिसका नुकसान छात्रों को उठाना
पड़ रहा है।
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डा. नरेंद्र शर्मा ने रविवार को यहां कहा कि प्रदेश में प्रधानाचार्यो को छोड़ कर बाकि सभी पदोन्नतिया रेग्यूलर आधार पर हो रही है। दूसरी ओर स्कूल प्रिंसिपल को 2008 से या तो एडहॉक प्रमोशन दी जा रही है या फिर 2013 के आदेशों के अनुसार अपने लिए जा रहे वेतन के आधार पर ही प्रिंसिपल का कार्यभार संभलाने के आदेश हैं। उन्होंने कहा कि यह सरासर इस वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है कि वह कार्य तो प्रिंसिपल का कर रहे हैं जबकि उन्हें वेतन लेक्चरर या हैडमास्टर का ही मिल रहा है। शर्मा ने कहा कि यह सब तब हो रहा है जब शिक्षा विभाग के अन्य सभी प्रमोशन नियमित आधार पर किए जा रहे हैं।
नरेंद्र शर्मा ने बताया कि जेबीटी से एचटी, सीएचटी, बीपीईओ, सीएंडवी से टीजीटी, टीजीटी से लेक्चरर, पीजीटी और टीजीटी से हैडमास्टर, जेबीटी से एलटी रेग्यूलर किए जा रहे हैं, लेकिन स्कूल प्रिंसिपल के साथ ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह दोहरे मापदंड क्यों है, इसकी स्थिति शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट करनी चाहिए। इसे लेकर प्रदेशाध्यक्ष सहित महासचिव विनोद चौधरी, मुख्य सलाहकार जोगेंद्र राव, सलाहकार अनिल नाग, योगेंद्र मखैक, राजेंद्र वर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान किशोरी लाल, प्रेस सचिव बीके शर्मा, वेब सचिव रोशन जसवाल व मुख्यालय सचिव ओपी कायस्थ और जिला प्रधानों, सचिवों ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकार के सामने सभी तथ्यों को नहीं रख रहे हैं, जिससे 1500 प्रिंसिपल को सीधा नुकसान हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर सभी स्कूल प्रिंसिपल को राहत पहुंचाने की माग की है।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डा. नरेंद्र शर्मा ने रविवार को यहां कहा कि प्रदेश में प्रधानाचार्यो को छोड़ कर बाकि सभी पदोन्नतिया रेग्यूलर आधार पर हो रही है। दूसरी ओर स्कूल प्रिंसिपल को 2008 से या तो एडहॉक प्रमोशन दी जा रही है या फिर 2013 के आदेशों के अनुसार अपने लिए जा रहे वेतन के आधार पर ही प्रिंसिपल का कार्यभार संभलाने के आदेश हैं। उन्होंने कहा कि यह सरासर इस वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है कि वह कार्य तो प्रिंसिपल का कर रहे हैं जबकि उन्हें वेतन लेक्चरर या हैडमास्टर का ही मिल रहा है। शर्मा ने कहा कि यह सब तब हो रहा है जब शिक्षा विभाग के अन्य सभी प्रमोशन नियमित आधार पर किए जा रहे हैं।
नरेंद्र शर्मा ने बताया कि जेबीटी से एचटी, सीएचटी, बीपीईओ, सीएंडवी से टीजीटी, टीजीटी से लेक्चरर, पीजीटी और टीजीटी से हैडमास्टर, जेबीटी से एलटी रेग्यूलर किए जा रहे हैं, लेकिन स्कूल प्रिंसिपल के साथ ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह दोहरे मापदंड क्यों है, इसकी स्थिति शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट करनी चाहिए। इसे लेकर प्रदेशाध्यक्ष सहित महासचिव विनोद चौधरी, मुख्य सलाहकार जोगेंद्र राव, सलाहकार अनिल नाग, योगेंद्र मखैक, राजेंद्र वर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान किशोरी लाल, प्रेस सचिव बीके शर्मा, वेब सचिव रोशन जसवाल व मुख्यालय सचिव ओपी कायस्थ और जिला प्रधानों, सचिवों ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकार के सामने सभी तथ्यों को नहीं रख रहे हैं, जिससे 1500 प्रिंसिपल को सीधा नुकसान हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर सभी स्कूल प्रिंसिपल को राहत पहुंचाने की माग की है।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC