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अब स्कूलों में अध्यापक नहीं करेंगे क्लर्की

राज्य ब्यूरो, शिमला : स्कूलों में अध्यापकों को अब केवल शिक्षा का ही कार्य दिया जाएगा। प्रदेश शिक्षा विभाग ने शिक्षा के गिरते स्तर को पटरी पर लाने के लिए शिक्षकों की क्लर्की करने को समाप्त करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग अधिकतर स्कूलों में गैर शिक्षकों की कमी को देखते हुए सरप्लस गैर शिक्षक स्टाफ को खाली पड़े पदों पर तैनात करेगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने पांच जिलों के स्कूलों को अपने सरप्लस गैर शिक्षक कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड निदेशालय में उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा निदेशालय ने यह रिकॉर्ड मांगा है। इसके अलावा स्कूलों से शिक्षा विभाग में तैनात गैर शिक्षक कर्मचारी जो दूसरे विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें भी वापस बुलाकर स्कूलों में खाली पड़े गैर शिक्षकों के पदों पर तैनात किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने शिमला, सोलन, कुल्लू, मंडी व किन्नौर जिलों के स्कूलों से गैर शिक्षकों की संख्या का पूरा डाटा जल्द मांगा है। शिक्षा विभाग में नियुक्त सैकड़ों कर्मचारी दूसरे विभागों में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त निदेशक बीएल बिंटा ने बताया कि विभाग की ओर से रिकॉर्ड देने के निर्देश जारी हुए हैं। राज्य के ऐसे स्कूलों का आंकड़ा काफी अधिक है जिनमें गैर शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं जिस कारण वहां तैनात अध्यापकों को क्लेरिकल कार्य भी करना पड़ है। गैर शिक्षक अपनी ऊंची पहुंच का फायदा उठाकर एक पद पर चार-चार बैठे हुए हैं। इस कारण कई स्कूलों में गैर शिक्षकों के पद खाली ्रहैं। इस कारण बच्चों की शिक्षा पर प्रभाव पड़ रहा है।
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