शिमला [सीमा कश्यप] : बिना पंजीकृत नर्सरी, केजी, अपर
केजी की कक्षाएं लेने वाले स्कूलों पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगेगा।
नियमों की अवहेलना होने तक इसमें प्रतिदिन 5000 रुपये जुर्माना जुड़ता
रहेगा। यही नहीं, ईसीसीई (अरली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन सेटर) के
अतिरिक्त पांच साल से कम उम्र का बच्चा यदि पहली कक्षा में दाखिल हुआ तो भी
निजी व सरकारी स्कूलों पर यही जुर्माना लगेगा।
पांच साल से कम उम्र के बच्चे ईसीसीई में ही दाखिला ले सकेंगे। इन प्ले स्कूल में भी बच्चों का दाखिला लेने के दौरान न तो लिखित न ही मौखिक टेस्ट लिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त परीक्षा भी नहीं होगी हालांकि ग्रेडिंग व्यवस्था की जा सकती है। प्री-स्कूल मे पीटीए गठित करना अनिवार्य होगा, जिसमें 75 प्रतिशत अभिभावक व 25 प्रतिशत शिक्षक शामिल होंगे। 75 प्रतिशत अभिभावकों में भी 50 प्रतिशत बच्चों की माताएं शामिल करना अनिवार्य होगा।
पीटीए का गठन एक साल के लिए होगा और प्रति माह बैठक होगी जिसकी प्रोसिडिंग बाकायदा रिकॉर्ड की जाएगी। मामले पर इस विधानसभा सत्र में सरकार अरली चाइल्डहुड एजुकेशन बिल ला रही है। इसका प्रारूप महिला एवं बाल विकास विभाग ने तैयार कर लिया है, जिसमें फीस भी प्ले स्कूल मनमाने ढंग से तय नहीं करेंगे। बल्कि राज्य परिषद की गाइडलाइन्स के तहत शुल्क लिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें विधेयक के तहत सारे नियमो का पालन करना पड़ेगा।
महिला एवं बाल विकास निदेशालय द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यकाल देखभाल एव शिक्षा केंद्र (स्थापना एव नियमन) विधेयक, 2016 के लागू होते ही प्ले स्कूल के नाम से नन्हे मुन्नो के बचपन से खिलवाड़ करने वाले स्कूलो की खैर नही होगी। बच्चो के खेलने, शौच, स्वास्थ्य, फैक्लटी प्रत्येक चीज का ख्याल रखना होगा। यहां पढ़ाने वाले शिक्षको की भी शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की जाएगी, जिसमे कम से कम जमा दो व एनटीटी तो शिक्षक का होना अनिवार्य होगा।
बिल पेश करने से पहले विभाग ने मांगे सुझाव व आपति
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यकाल देखभाल एवं शिक्षा केंद्र (स्थापना एव नियमन) विधेयक, 2016 को विधानसभा मे पेश करने से पहले विभाग ने लोगों के सुझाव व आपति मांगे है। 14 पन्नों के बिल के प्रारूप को विभाग ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है ताकि लोग इस पर टिप्पणी कर सके। 30 नवंबर तक जितने भी आपति व सुझाव आएंगे विभाग उनका आकंलन करेगा और कोई बेहतर सुझाव हुआ तो उसे बिल मे शामिल किया जाएगा।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
पांच साल से कम उम्र के बच्चे ईसीसीई में ही दाखिला ले सकेंगे। इन प्ले स्कूल में भी बच्चों का दाखिला लेने के दौरान न तो लिखित न ही मौखिक टेस्ट लिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त परीक्षा भी नहीं होगी हालांकि ग्रेडिंग व्यवस्था की जा सकती है। प्री-स्कूल मे पीटीए गठित करना अनिवार्य होगा, जिसमें 75 प्रतिशत अभिभावक व 25 प्रतिशत शिक्षक शामिल होंगे। 75 प्रतिशत अभिभावकों में भी 50 प्रतिशत बच्चों की माताएं शामिल करना अनिवार्य होगा।
पीटीए का गठन एक साल के लिए होगा और प्रति माह बैठक होगी जिसकी प्रोसिडिंग बाकायदा रिकॉर्ड की जाएगी। मामले पर इस विधानसभा सत्र में सरकार अरली चाइल्डहुड एजुकेशन बिल ला रही है। इसका प्रारूप महिला एवं बाल विकास विभाग ने तैयार कर लिया है, जिसमें फीस भी प्ले स्कूल मनमाने ढंग से तय नहीं करेंगे। बल्कि राज्य परिषद की गाइडलाइन्स के तहत शुल्क लिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें विधेयक के तहत सारे नियमो का पालन करना पड़ेगा।
महिला एवं बाल विकास निदेशालय द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यकाल देखभाल एव शिक्षा केंद्र (स्थापना एव नियमन) विधेयक, 2016 के लागू होते ही प्ले स्कूल के नाम से नन्हे मुन्नो के बचपन से खिलवाड़ करने वाले स्कूलो की खैर नही होगी। बच्चो के खेलने, शौच, स्वास्थ्य, फैक्लटी प्रत्येक चीज का ख्याल रखना होगा। यहां पढ़ाने वाले शिक्षको की भी शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की जाएगी, जिसमे कम से कम जमा दो व एनटीटी तो शिक्षक का होना अनिवार्य होगा।
बिल पेश करने से पहले विभाग ने मांगे सुझाव व आपति
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यकाल देखभाल एवं शिक्षा केंद्र (स्थापना एव नियमन) विधेयक, 2016 को विधानसभा मे पेश करने से पहले विभाग ने लोगों के सुझाव व आपति मांगे है। 14 पन्नों के बिल के प्रारूप को विभाग ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है ताकि लोग इस पर टिप्पणी कर सके। 30 नवंबर तक जितने भी आपति व सुझाव आएंगे विभाग उनका आकंलन करेगा और कोई बेहतर सुझाव हुआ तो उसे बिल मे शामिल किया जाएगा।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC