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एसएमसी शिक्षकों की 14 दिन बाद सेवाएं समाप्त

शिमला : प्रदेश में तीन हजार एसएमसी शिक्षकों की 14 दिन बाद सेवाएं समाप्त हो रही हैं। हर साल मिलने वाले सेवाविस्तार से अब शिक्षकों ने साफ इन्कार कर दिया है और मांग की है कि एक साल के सेवाविस्तार की बजाय स्थायी नीति बनाई जाए। एक साल के सेवाविस्तार का एसएमसी शिक्षक बहिष्कार करेंगे।
प्रदेश में चार हजार शिक्षक एसएमसी के तहत सेवाएं दे रहे है। इनमें से तीन हजार की 31 दिसंबर को सेवाएं समाप्त हो रही है। एसएमसी पीरियड बेसिस स्कूल टीचर एसोसिएशन के महासचिव मनोज रोंगटा, अध्यक्ष अनिल पितान, उपाध्यक्ष कमलजोशी, पवन नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल जोशी तथा संयुक्त सचिव रोशन छिटा ने कहा है कि वे मुख्यमंत्री से चार हजार एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति की मांग करेंगे। ऐसे एसएमसी अध्यापक, जो चार साल से सेवाएं दे रहे हैं, इस बार एक साल के सेवाविस्तार की मांग न कर इसका बहिष्कार करेंगे। मनोज ने कहा कि शिक्षा विभाग के दोषपूर्ण रवैये के कारण चार हजार एसएमसी अध्यापक जो 2012 में 257 थे और अब 3850 से अधिक हैं, का भविष्य अंधकारमय है। मुख्यमंत्री से गुहार के बावजूद एसएमसी पर कार्यरत अध्यापकों के स्थान पर ट्रांसफर अध्यापकों को न भेजने की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की जा रही है। भविष्य में होने वाली पदोन्नति नई भर्तियों से 1300 से अधिकतर पीजीटी प्रवक्ता बाहर हो जाएंगे।
प्रदेश में एसएमसी पीरियड बेसिस शिक्षक
पीजीटी- 500
टीजीटी - 1800
डीपीई - 160
जेबीटी - 150
सीएडंवी - 1700

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