एकतरफ सरकार राज्य में शिक्षा क्षेत्र का बुनियादी ढांचा मजबूत रहने के
दावे कर रही है और वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में शिक्षकों के बराबर कमी है।
ऐसे ही स्कूलों में बाहली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी शामिल है, जहां
शिक्षकों का टोटा है। इस स्कूल में शिक्षकों के कुल 11 पद खाली है