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योग्यता पूरी करने पर रुकेगा पीटीए का वेतन

प्रदेशके सरकारी स्कूलों में तैनात पीटीए शिक्षकों को राज्य सरकार ने बड़ा झटका दिया है। शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले पीटीए शिक्षकों के वेतन रोक दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को अगस्त, 2016 तक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के निर्देश दिए थे।
इनमें 50 फीसदी अंकों के साथ बीएड और टेट की शर्त लगाई गई थी। शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला के डिप्टी डायरेक्टर और स्कूल प्रिंसिपल, हेडमास्टर को पत्र जारी किया गया है। इसमें स्कूलों में पीटीए आधार पर तैनात शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता का ब्यौरा मांगा गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई शिक्षक आरटीई एक्ट (राइट टू एजुकेशन-एक्ट) के तहत शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करता उसकी ग्रांट इन एड बंद कर दी जाएगी, यानि उस शिक्षक को वेतन जारी नहीं होगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के स्कूलों में पीटीए आधार पर तैनात शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा ने माना कि सभी स्कूल प्रिंसिपल और डिप्टी डायरेक्टर को सर्कुलर जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि ये शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करते तो नियमों के तहत इनकी ग्रांट इन एड रोक दी जाएगी। शिक्षकों की ग्रांट इन रुक जाने के बाद इन्हें वेतन नहीं मिलेगा। विभाग ने फैसला लिया है कि वेतन के लिए कोई ग्रांट नहीं आएगी। ऐसे में स्कूल प्रबंधन एसएमसी या अन्य फंड के माध्यम से इन शिक्षकों के वेतन की अदायगी कर सकते हैं।

कोर्ट से 17 को आना है फैसला

पीटीएशिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। 17 जनवरी को कोर्ट से इस मामले पर फैसला आने की उम्मीद है। शिक्षकों को उम्मीद है कि कोर्ट उनके हक में फैसला देगा। प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिक्षकों के हित में फैसला दिया था। इसके बाद इस को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। इन टीचरों को अब 17 जनवरी का इंतजार है

मुख्यमंत्री से मांगी राहत

पीटीएशिक्षक संघ का प्रतिनिधि मंडल मामले को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पास पहुंच गया है। संघ के अध्यक्ष विवेक मेहता ने कहा कि पीटीए शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2006-07 में हुई है। आरटीई एक्ट वर्ष 2010 में लागू हुआ है। ऐसे में उन पर टेट की शर्त लगाना गलत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से टेट की शर्त में राहत देने की मांग की है।

650 टीचर होंगे प्रभावित

प्रदेशमें 1369 शिक्षक पीटीए आधार पर कार्यरत हैं। सूत्र बताते हैं कि इनमें से 650 के करीब शिक्षक ऐसे हैं जो टेट की शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। बीएड की शर्त को तकरीबन सभी शिक्षक पूरी कर चुके हैं। कई टीचर ऐसे हैं तो 50 फीसदी अंकों की शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अब शैक्षणिक योग्यता पूरी हुई तो इन टीचरों का वेतन रोक दिया जाएगा।

हाई पावर कमेटी ने दी थी छूट

वर्ष-2014में गठित हाई पावर कमेटी ने 2010 से पूर्व नियुक्त किए गए पीटीए शिक्षकों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के लिए अगस्त 2016 तक का मौका दिया था। शैक्षणिक योग्यता पूरी करने को लेकर शिक्षा विभाग समय समय पर सर्कुलर निकालता रहा है। बावजूद इसके प्रदेश के कई पीटीए शिक्षक ऐसे हैं जो तय समय पर अपनी शैक्षणिक योग्यता को पूरा नहीं कर पाए। 

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