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2500 SMC शिक्षकों की नौकरी भी खतरे में

शिमला: सेवा विस्तार और अनुबंध नीति के इंतजार में बैठे प्रदेश के करीब 2500 एसएमसी शिक्षकों की नौकरी भी खतरे में आ गई है। राज्य सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के मामले को भी पीटीए, पैट और पैरा मामले से जोड़कर विधि विभाग को भेज दिया है।
शनिवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल बैठक में भी एसएमसी शिक्षकों को एक साल का सेवा विस्तार देने को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। शिक्षकों को उम्मीद थी कि इस कैबिनेट की बैठक में उन्हें सेवा विस्तार दे दिया जाएगा लेकिन इस कैबिनेट की बैठक में शिक्षकों का सेवा विस्तार मामला ही नहीं लाया गया। इससे प्रदेश के 2500 शिक्षकों को झटका लगा है।

2500 शिक्षक स्कूलों में सेवाएं नहीं दे पाए
एस.एम.सी. टीचर्ज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पितान, महासचिव मनोज, उपाध्यक्ष कमल जोशी व सचिव रोशन ने कहा है कि 13 फरवरी से प्रदेश के शीतकालीन स्कूल खुल चुके हैं और इन स्कूलों में कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं लेकिन अभी तक सरकार ने एस.एम.सी. पर लगे जे.बी.टी., टी.जी.टी., पी.जी.टी. व सी. एंड वी. शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दिया है। इसके साथ ही अभी तक अधिकारियों ने 3 जनवरी, 2017 को पीटरहॉफ में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की भी अधिसूचना जारी नहीं की है। इसके तहत एस.एम.सी. शिक्षकों के स्थान पर नियमित शिक्षकों व अनुबंध शिक्षकों को न भेजने के आदेश जारी किए जाने थे। शिक्षकों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही से इस समय 2500 शिक्षक स्कूलों में सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। 


पैट, पैरा व पी.टी.ए. मामले से जोड़ा जा रहा एस.एम.सी. शिक्षकों का मामला
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार एस.एम.सी. शिक्षकों के मामले को सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे पैट, पैरा और पी.टी.ए. मामले से जोड़ रही है। इसके चलते सरकार ने शिक्षकों का मामला विधि विभाग को भेजा है। शिक्षकों का आरोप है कि इस मामले में कोई भी अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है, ऐसे में हजारों शिक्षकों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।

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